
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत विपक्षी नेताओं के लगाए आरोपों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एजेंडा पहले से तय था और वह सदन में तथ्यों को सुनने के लिए तैयार नहीं थी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सदस्यों को सदन में आने से रोकने और अपमानित किए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी सदस्यों को सम्मान के साथ सदन में आने दिया गया।
नायब सैनी ने कहा कि विपक्ष की ओर से चोट पहुंचाने और धक्का-मुक्की किए जाने के आरोप पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के सदस्यों को बुलाकर मामले की वीडियो फुटेज मंगवाने और उसकी जांच कराने का सुझाव दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि फुटेज से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ जाएगी, लेकिन विपक्ष के लोग फुटेज तक देखने को तैयार नहीं हुए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के विरोध के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी सदन में कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है और झूठे आरोप लगाना उसका एजेंडा बन गया है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के काले कपड़े पहनकर आने पर भी टिप्पणी की।
नायब सैनी ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानसभा चर्चा और संवाद का मंच है। किसी सदस्य को किसी विषय पर आपत्ति या समस्या है तो वह सदन में मुद्दा उठा सकता है और सरकार जवाब देने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि लगातार शोर-शराबा न विपक्ष के हित में है और न ही सदन की गरिमा के अनुरूप। प्रदेश की जनता सब देख रही है और सही-गलत का फैसला करेगी।





