राम मंदिर के नए CEO को CM योगी के स्पष्ट निर्देश, पारदर्शिता और सुगम दर्शन पर रहेगा जोर

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को राम मंदिर में रामलला का आशीर्वाद लेने पहुंचे तो ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ उनका प्रथम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र ने भी भव्य स्वागत किया।
परिसर में ग्रीन हाउस के पास हुई पहली मुलाकात में ही मुख्यमंत्री ने उन्हें मंदिर के सुचारु संचालन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। साथ ही मंदिर प्रबंधन से जुड़े प्रत्येक कार्यों में पारदर्शिता रख कर मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों का सदैव ध्यान रखने की बात कही।
उन्हें सुगम दर्शन सुलभ कराने के लिए हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए। सीएम ने ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सीईओ के कार्यों और उत्तरदायित्व का निर्धारण करके एक एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) निश्चित कर देने का निर्देश दिया।
सीईओ को निर्देश दिए कि एसओपी का पूर्णतः पालन कराया जाए और किसी रामभक्त को शिकायत का कोई अवसर न उपलब्ध कराया जाए।
सीईओ ने सीएम योगी से की मुलाकात
नियुक्ति के उपरांत मंगलवार को दूसरी बार अयोध्या पहुंचे सीईओ जितेंद्र मिश्र की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राम मंदिर में प्रथम बार मुलाकात हुई। दोनों के बीच औपचारिक अभिवादन के पश्चात सीईओ ने मुख्यमंत्री के साथ जाकर उन्हें रामलला का दर्शन-पूजन कराया और स्वागत किया।
इस दौरान उनके साथ ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका, ट्रस्टी कृष्ण मोहन, मदन मोहन पांडेय, प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महांत गिरीशपति त्रिपाठी, सचिव जगदीश आफले, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स के परियोजना निदेशक विनोद कुमार शुक्ला सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री ने सीईओ व ट्रस्ट के पदाधिकारियों व कर्मियों के साथ ग्रीन हाउस में ही संक्षिप्त बैठक की। इस दौरान उन्होंने ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव रहे कृष्णमोहन व कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका से कहा कि अब नए सीईओ ने अपना प्रभार संभाल लिया है, तो सर्वप्रथम इनके लिए एक एसओपी तय कर दें।
सीईओ को क्या दायित्व निभाना है, कौन से कार्य करने हैं, यह निर्धारित हो जाएगा तो वह उसके अनुसार अपने कार्यों को संपादित करेंगे। उन्होंने कहा कि अब किसी भी रामभक्त को शिकायत का कोई अवसर न मिले, इसके लिए प्रत्येक कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
सीएम योगी ने राम मंदिर सीईओ को दी सलाह
श्रद्धालुओं की ओर से दान में अर्पित की जाने वाली धनराशि व आभूषणों का रखरखाव पारदर्शी ढंग से किया जाए। स्थानीय साधु संतों से परामर्श लेकर उत्सवों को अच्छे ढंग से परम्परानुसार संपन्न कराया जाए। मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों को यथासंभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सुगम दर्शन के लिए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सुविधाएं व्यवस्थित की जाएं।
मुख्यमंत्री ने सीईओ से बातचीत में कहा कि वह हर कार्य को अपनी निगरानी में बेहतर ढंग से कराएं। देश के अन्य मंदिरों की भांति श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराएं। ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को संपादित करें, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां से लौटें तो उनके मन में यहां की एक अलग छवि बने।
कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका ने बताया कि मुख्यमंत्री से मिले मार्गदर्शन के अनुरूप दर्शनार्थियों के लिए समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने नए ट्रस्टियों से भी अच्छे कार्यों की अपेक्षा जताई।





