
रांची: झारखंड में चल रहे मतदाताओं के SIR के दौरान सामने आ रही गड़बड़ी के लिए भाजपा ने राज्य सरकार को दोषी ठहराया है. बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने SIR की प्रक्रिया को लेकर झारखंड सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए राज्य सरकार हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार, SIR को लेकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है.
एक समाज विशेष को खुश करने की कोशिश
उन्होंने बताया कि झारखंड में SIR शुरू होने से पहले ही JMM और कांग्रेस ने इसके बहिष्कार और विरोध की बात कही थी और जब प्रक्रिया शुरू हुई तो इसे प्रभावित करने और एक समाज विशेष को खुश करने के लिए उनके नामों को अवैध रूप से जोड़ने के लिए, हर प्रकार के हथकंडे सरकार ने अपनाए.
3 जिलों में उम्र संबंधी गड़बड़ी
उन्होंने कहा कि संथाल परगना में आ रही विसंगतियां का मामला केवल मतदाता सूची का नहीं बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता का मामला भी है. साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़ जिले में मतदाता सूची को लेकर उम्र संबंधी गड़बड़ियां सामने आ रही है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है. पाकुड़ और साहिबगंज जिले सहित संथाल परगना के पूरे संवेदनशील इलाकों में मतदाता सूची का शत-प्रतिशत सत्यापन जरूरी है.
प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप
आदित्य साहू ने आरोप लगाते हुए कहा कि हेमंत सरकार ने प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को अब सरकारी सेवक नहीं, बल्कि झामुमो-कांग्रेस के ‘पोलिंग एजेंट’ बनाकर रख दिया है. प्रशासन की मिलीभगत से यह सरकार एक खास वर्ग के अधिक से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयास में लगी है.
सरकारी पदाधिकारी गवर्नमेंट का ना बने टूलकिट: आदित्य साहू
आदित्य साहू ने सवालिया लहजे में कहा कि चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दखल क्यों? झामुमो-कांग्रेस अपनी बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, BDO और CDPO को नेताओं के साथ मिलाकर यह योजना बना रहे हैं कि कैसे अपने वोट बैंक ‘बांग्लादेशी घुसपैठियों’ के नाम वोटर लिस्ट से न कटे. उन्होंने आरोप लगाया कि खुल्लम-खुल्ला निर्देश दिए जा रहे हैं कि, क्योंकि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन अब यह मान चुका है कि उनकी जीत ‘बांग्लादेशी घुसपैठियों’ के वोट बैंक के भरोसे ही टिकी है. ‘अवैध घुसपैठ से जुड़े मामलों में हेमंत सरकार का रवैया पहले से सवालों के घेरे में रहा है, लेकिन अब SIR में सामने आ रही विसंगतियां उन सवालों को और गंभीर बनाती हैं.
संथाल परगना प्रमंडल में विसंगतियां ज्यादा!
पदाधिकारियों द्वारा झामुमो-कांग्रेस के लोगों को कैसे लाभ दिया जा रहा है, ‘बांग्लादेशी घुसपैठियों’ को कैसे मदद की जा रही है, इसके कई उदाहरण सामने आए हैं. झारखंड में कई अधिकारी एवं कर्मचारी इसमें नियम के खिलाफ जाकर काम कर रहे हैं, विशेष रूप से संथाल परगना प्रमंडल में, जो विसंगतियां आ रही है, राज्य के लिए चिंताजनक है.
‘कथित फर्जीवाड़ा’
आदित्य साहू ने कहा कि पाकुड़ के बरहरवा क्षेत्र में कथित फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के प्रयास के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है. यह तो एक जगह का मामला है, ऐसे कितने मामले अभी पकड़ से दूर हैं.
पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के बरहरवा प्रखंड के आहुत ग्राम में फर्जी दस्तावेज जमा कर अवैध रूप से मतदाता सूची में जुड़ने का प्रयास कर रहे 4 अपात्र व्यक्तियों एवं एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है.
बरहरवा प्रखंड में संदिग्ध दस्तावेजों के संबंध में कुल 4 व्यक्तियों को चिह्नित किया गया है, इनमें रूबेदा बेवा, रबी शेख, पिंटू शेख, सेन्टु शेख द्वारा फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत की गई हैं. इन अपात्र व्यक्तियों को कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक मोहम्मद सलीम द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर उपलब्ध कराए गए थे.
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि साहिबगंज जिला के राजमहल विधानसभा में बूथ संख्या-343, गृह संख्या-1 में 2019 की मतदाता सूची में 4 मतदाताओं के नाम थे, जबकि 25 जुलाई, 2024 को प्रकाशित मतदाता सूची में 39 मतदाताओं के नाम हैं. वर्तमान सूची में सैयद अली की आयु 69 है, जबकि उसके बेटे गफूर शेख की आयु 67 साल है. इसी बूथ पर 2019 में आजाद अली की आयु 34 साल है, वहीं 2024 की सूची में आजाद अली का नाम नहीं है लेकिन उनकी पत्नी आयसा का नाम है, जिसकी आयु 64 साल है. राजमहल विधानसभा में बूथ संख्या-187, गृह संख्या-137 में 2019 की मतदाता सूची में मात्र 12 मतदाता थे, जबकि वर्तमान मतदाता सूची में बढ़कर 26 हो गये हैं.
आदित्य साहू के सरकार से सवाल
वहीं साहिबगंज जिले के बोरियो विधानसभा में मंडरो प्रखंड के लालमाटी गांव में एक भी मुस्लिम का घर नहीं है, लेकिन वहां के मतदाता सूची में दर्जनों मुस्लिम मतदाता शामिल हैं और तेलियागढ़ी बूथ पर उनके मतदान करने की बात कही गई है. साहिबगंज जिला में ऐसा भी मामला सामने आया है कि 15 साल के मतदाता को पिता बताया जा रहा है और उसी मतदाता को 30 साल की आयु में दादा बताया जा रहा है. इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे भी मामला सामने आए हैं जिनमें बाप-बेटे आयु में मात्र 2-3 साल का फर्क है.
SIR में फर्जीवाड़ा और घोटाला!
आदित्य साहू ने एक बार फिर से आरोप लगाते हुए कहा कि अपात्र मतदाताओं का मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए झामुमो-कांग्रेस एसआईआर मामले में फर्जीवाड़ा और घोटाला कर रही है. SIR को लेकर हेमंत सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं अगर सरकार की नीयत साफ है, तो मतदाता सूची की हर शिकायत की जांच कराने में उसे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. सरकार को साफ कर देना चाहिए कि वह मतदाता सूची को शुद्ध करने के पक्ष में है या संदिग्ध नामों को संरक्षण देने के पक्ष में?
न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी पार्टी: आदित्य साहू
बीजेपी इन गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी और उसका पर्दाफाश करने का काम करेगी और जरूरत पड़ेगी तो पार्टी न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी. उन्होंने सरकारी पदाधिकारियों को सरकार के टूलकिट की बजाय निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि अधिकारियों को अपनी आदतों से बाज आनी चाहिए अन्यथा उन्हें जेल की हवा खाने से कोई नहीं रोक सकता है.
कैसे बन रहे हैं फर्जी दस्तावेज, यह जांच का विषय: राकेश प्रसाद
इस मौके पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने बताया कि झारखंड के पदाधिकारी स्वच्छ और त्रुटि रहित मतदाता सूची बनाने की दिशा में काम करें. उन्होंने ऑनलाइन की बजाय ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाने की छूट देने के फैसले को भी अनुचित बताते हुए कहा कि यह सब अवैध मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में बनाए रखने की कवायद है. उन्होंने भी बांग्लादेशी घुसपैठियों पर राज्य सरकार द्वारा की जा रही मेहरबानी को लेकर कई उदाहरण गिनाए.
उच्चस्तरीय जांच की मांग
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड आसानी से इन इलाकों में आखिर कैसे रहे हैं, यह जांच के विषय हैं. पदाधिकारियों के संरक्षण के बिना यह सब संभव ही


