राज्यहरियाणा

हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस का वॉकआउट, भाजपा ने वीबी-जी राम जी योजना पर बहस की

चंडीगढ़। मनरेगा का नाम बदलकर वीबी-जी रामजी करने के विरोध में जिला और ब्लॉक स्तर से लेकर चंडीगढ़ मुख्यालय तक सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसी विधायक गुरुवार को इस मुद्दे पर विधानसभा में मैदान छोड़ गए।

मौका था भाजपा विधायक रामकुमार कश्यप की ओर से लाए गए ”विकसित भारत जी राम जी’ योजना के अंतर्गत रोजगार गारंटी की 100 से 125 दिन की गारंटी प्रस्ताव पर चर्चा करने का, लेकिन कांग्रेस ने बायकॉट करते हुए वॉकआउट कर दिया।

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की गैरमौजूदगी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने इनेलो को एक दिन के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्य चंद्रमोहन बिश्नोई की 74 नंबर सीट आवंटित कर दी, ताकि मंत्री सामने देखकर विपक्ष को जवाब दे सकें। फिर इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला सत्ता पक्ष के सामने की सीट पर बैठे, जबकि आदित्य देवीलाल अपनी सीट पर ही रहे।

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद जैसे ही सत्ता पक्ष की ओर से वीबी-जी राम जी को लेकर प्रस्ताव लाया गया, कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि योजना पर इस हाउस में चर्चा से क्या होने वाला है। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से कहा कि आप इस प्रस्ताव को कैसे स्वीकार कर सकते हैं।

उनका समर्थन करते हुए विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि जब कानून लोकसभा में पास हो गया है, तो भाजपा इस सदन में क्यों संकल्प लाना चाहती है। यह सदन के नियमों के विरुद्ध है।

इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि योजना के नाम इनके समय भी बदलते रहे हैं। कभी मनरेगा तो कभी और नाम कर दिया गया। तीखी बहस के बाद जब विधानसभा अध्यक्ष चर्चा कराने पर अडिग रहे तो कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। फिर नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए।

इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने कहा कि कांग्रेस विधायक हर मुद्दे पर चर्चा से भाग जाते हैं। सही मायनों में विपक्ष की भूमिका इनेलो विधायक निभा रहे हैं। सदन में इनेलो के दो ही विधायक हैं, जबकि कांग्रेस विधायकों की संख्या 37 है।

भाजपा सरकार के मंत्रियों ने विपक्ष को घेरा

विपक्ष की गैरमौजूदगी में मंत्रियों और भाजपा विधायकों ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि राज्य में हर श्रमिक को इस योजना के तहत 10 हजार रुपए वार्षिक से अधिक मिलेंगे, क्योंकि पूरे देश में हरियाणा में मजदूरी की दर सबसे ज्यादा है। अभी तक इस योजना के तहत श्रमिकों और किसानों का शोषण हो रहा था, लेकिन इस नई योजना के तहत इनके अधिकार सुरक्षित हुए हैं।

इसके बाद कैबिनेट मंत्री महीपाल ढांडा, डॉ. अरविंद शर्मा और कृष्ण लाल पंवार ने बारी-बारी से मनरेगा की खामियां गिनाते हुए कांग्रेस को लपेटा। इस दौरान महीपाल ढांडा ने कांग्रेस की मंशा पर भी सवाल उठाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button