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दीपक बैज का साय सरकार पर हमला, बोले- ‘आदिवासी मुख्यमंत्री को मुखौटा बनाकर जल-जंगल-जमीन लूटी जा रही’

रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक मुख्यमंत्री को आदिवासी का चेहरा बनाकर मुखौटे की तरह बिठाया गया है. ताकि छत्तीसगढ़ के जल जंगल जमीन को बेचा जा सके. यह आरोप पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बीजेपी सरकार पर लगाया है. रायपुर के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में दीपक बैज ने साय सरकार को घेरा. उन्होंने तारा कोल ब्लॉक आवंटन का मुद्दा उठाया. इसके साथ ही उन्होंने साल 2024 और 25 में हुए छत्तीसगढ़ पीएससी परीक्षा का मुद्दा भी उठाया.

“सीएम बनते ही हसदेव जंगल कटाई का दिया ऑर्डर”

दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होने के साथ ही हसदेव के जंगल को कटाई के लिए तुरंत ऑर्डर कर दिया जाता है. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में साल 2024 और 25 में हुए सीजीपीएससी की परीक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को जिसने उत्तर सही लिखा और जिसने उत्तर गलत लिखा है उन्हें भी सीजीपीएससी परीक्षा में नंबर दिए गए हैं. ऐसे में सीजीपीएससी की कॉपी जांचने वालों के लिए आयोग के क्या मापदंड है इसे बताया जाए.

दीपक बैज का बीजेपी सरकार पर हमला

देखिए छत्तीसगढ़ में एक मुख्यमंत्री को आदिवासी का चेहरा बनाकर मुखौटा की तरह बैठाया गया है. ताकि छत्तीसगढ़ के जल जंगल जमीन को बेचा जा सके. मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के होने के साथ ही हसदेव के जंगल को कटाई के लिए तुरंत ऑर्डर कर दिया जाता है. रायगढ़ के तमनार क्षेत्र में कोल माइंस में खुदाई शुरू कर दी गई है. बस्तर के आयरन को बेच दिया गया. हसदेव क्षेत्र में जंगल काटे गए. तारा कोल ब्लॉक सबसे संवेदनशील कोल ब्लॉक है जो लेमरू एलिफेंट रिजर्व से लगा हुआ है. देश का सबसे दूसरा घना जंगल है. इसे भी बेच दिया गया.

आदिवासी मुखौटा बनाकर सिर्फ आदिवासियों के जल जंगल और जमीन को लूटने खनिज संसाधन को लूटने का काम अपने चहेते उद्योगपतियों को देने का काम हो रहा है. ये सरकार रिमोट कंट्रोल की तरह काम कर रही है- दीपक बैज, पीसीसी चीफ

इस सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को पत्र लिखकर स्वीकृति देने के लिए नीलामी करने की अनुमति आखिर क्यों दी. सरकार ने चिट्ठी लिखी यह पहले बता दें. अब यह बहाना बनाया जा रहा है कि पर्यावरण की स्वीकृति बाकी है. अनुमति बाकी है क्यों ? आपने स्वीकृति क्यों दी. यह हमारा सवाल है जो नीलामी हुई है. उसको ये सरकार रद्द करने के लिए चिट्ठी लिखेगी क्या. यह मेरा सवाल है.

कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी. इसके खिलाफ में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी चल रही है. कांग्रेस की सरकार बनेगी. इस कोल ब्लॉक आवंटन को हम रद्द करेंगे- दीपक बैज, पीसीसी चीफ

पीएससी एग्जाम पर सरकार को घेरा

दीपक बैज ने सीजीपीएससी परीक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. दीपक बैज ने कहा कि पीएससी के साल 2024 के उत्तर पुस्तिका में यह बात स्पष्ट है कि अभ्यर्थियों के द्वारा सही लिखने के बाद भी दिए गए नंबरों में अंतर है. सही और गलत लिखने के बाद भी दोनों को नंबर दिए गए हैं. ऐसे में परीक्षा के क्या मापदंड हैं. जो उत्तर पुस्तिका जांचने के लिए अयोग्य हैं. ऐसे लोगों से उत्तर जांचने का काम करवाया जा रहा है. जो पात्र नहीं है ऐसे लोगों को उत्तर पुस्तिका जांचने के काम में लगाया गया है. जो पात्र नहीं हैं उनके नंबरों में अंतर करवा के अपने लोगों को फायदा करवा लो, ये खेल छत्तीसगढ़ पीएससी परीक्षा में पिछले 2 सालों से चल रहा है. मैं किसी के ऊपर आरोप नहीं लगा रहा हूं. नंबर तो उत्तर पुस्तिका में स्पष्ट दिख रहे हैं.

इसलिए हमारा सीधा सवाल है आयोग इसे स्पष्ट करें की 2024 में उत्तर पुस्तिका किससे जंचवाई गई थी. मैं किसी के ऊपर प्रश्न चिन्ह नहीं लगा रहा हूं. मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता हूं. मुझे पता है पेपर की कॉपी किसने जांची है. हमें पता है आप नंबर अभ्यर्थियों को कम दे रहे हैं ज्यादा दे रहे हैं. उत्तर गलत होने पर भी नंबर दिया जा रहा है.

ऐसे में पीएससी ने उत्तर पुस्तिका जांचने के क्या मापदंड रखे हैं. साल 2024 में छत्तीसगढ़ पीएससी का पेपर किसने जांचा. वो छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को स्पष्ट करना चाहिए. अगर मैं किसी का नाम लेता हूं तो उससे तकलीफ होगी. लेकिन इसको आयोग को स्पष्ट करना चाहिए- दीपक बैज, पीसीसी चीफ

दीपक बैज ने सीजीपीएससी के आंसर शीट दिखाते हुए पीएससी के 5 से 6 प्रश्न के दिए गए उत्तर की जानकारी दी, जो गड़बड़ियां हुई है. उसको मीडिया के सामने रखने का काम किया.

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