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2434 करोड़ के PNB फ्रॉड के बाद हरियाणा सरकार ने उठाया कड़ा कदम

चंडीगढ़। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ हुए 2434 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड को लेकर हरियाणा सरकार अलर्ट हो गई है। प्रदेश सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों के ऋण खातों के मिलान (रिकांसिलिएशन) की प्रक्रिया शुरू की है, जिन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से लोन लिया हुआ है अथवा जिनके ऋण खाते ऋण पोर्टफोलियो के स्थानांतरण के बाद पीएनबी को ट्रांसफर किए गए हैं। राज्य के वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में एक लेटर जारी किया गया है।

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के बाद अब दो फाइनेंस कंपनियों ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ लोन फ्रॉड किया है। पब्लिक सेक्टर के इस बैंक ने 27 दिसंबर 2025 को बताया कि श्रीग्रुप की दो कंपनियों श्री इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड और श्री इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के पूर्व प्रमोटर्स ने उसके साथ 2434 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

पीएनबी ने बैंकिंग रेगुलेटर रिजर्व बैंक को इसकी जानकारी दी है। शुक्रवार को रेगुलेटरी फाइलिंग में बैंक ने बताया कि श्री इक्विपमेंट के पूर्व प्रमोटर्स ने 1,240.94 करोड़ रुपये और श्री इन्फ्रास्ट्रक्चर ने 1,193.06 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया है।

हरियाणा सरकार की ओर से इस मामले में सभी विभागों को सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि नोडल अधिकारियों की नियुक्तियां जल्द से जल्दी की जाएं।

इस प्रक्रिया की निगरानी एवं समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों या कार्यालयों को मुख्यालय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने होंगे। यह नोडल अधिकारी अपने विभाग अथवा कार्यालयों के सभी ऋणधारक कर्मचारियों के ऋण खातों के मिलान की प्रक्रिया की देखरेख करेंगे।

इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विभाग-कार्यालय को जिला स्तर पर भी नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है। ये अधिकारी विभिन्न जिलों में ऋण खातों के मिलान के साथ-साथ अन्य संगठनों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत ऋणधारक कर्मचारियों के ऋण मामलों के मिलान का भी समन्वय करेंगे।

राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि नामित नोडल अधिकारियों के नाम एवं संपर्क विवरण 27 जनवरी तक वित्त विभाग को ई-मेल आईडी wmafdhry@gmail.com पर भेजे जाएं, ताकि ऋण खातों के मिलान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

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