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हरियाणा विधानसभा में आयुष्मान-चिरायु योजना पर तीखी बहस, कांग्रेस विधायकों का वाकआउट

चंडीगढ़। आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा योजना के तहत निजी अस्पतालों में गरीबों के लोगों के उपचार को लेकर सोमवार को विधानसभा में तीखी बहस हुई।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस विधायकों अशाेक अरोड़ा, बीबी बत्रा और गीता भुक्कल ने योजना के तहत गरीबाें का इलाज नहीं होने का दावा किया तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंकड़ों के साथ आरोपों को नकार दिया।

आरोप-प्रत्यारोपों के बीच जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने तंज कसा कि विपक्ष ध्यानाकर्षण प्रस्ताव तो लगाता है, लेकिन जवाब सुनने से पहले ही तड़ीपार हो जाता है। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों ने प्रतिपूर्ति राशि नहीं मिलने के कारण कई स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया है।

इससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि हरियाणा में करीब 38 लाख परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरती राव की तारीफ करते हुए कहा कि मैं धन्यवाद देता हूं कि इन्होंने अपने प्रयासों से प्रदेश में 10 सरकारी अस्पताल ऐसे कर दिए हैं, जो प्राइवेट अस्पतालों को भी फेल करते हैं।

इन अस्पतालों में हर वह सुविधा है, जो प्राइवेट अस्पतालों में भी नहीं होती है। आज एक भी सर्जरी सरकारी अस्पतालों में पेंडिंग नहीं है। विपक्ष के साथी कोई भी ऐसा व्यक्ति ले आएं जो कह दे कि उसे इलाज नहीं मिला, तो मैं तुरंत कार्रवाई करूंगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अस्पताल पैनल में थे, उनमें से कुछ में खामियां थीं। इसलिए उन्हें पैनल से हटाया गया है। सरकार के पास 784 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं, जिस पर लोगों की दिक्कतें दूर की जाती हैं।

विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप कह रहे हैं कि डाक्टरों की स्ट्राइक हो रही है, लेकिन वह तो कब की खत्म हो चुकी है। इस पर कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा ने आरोप लगाया कि आप आठ-आठ महीनों में प्राइवेट डाक्टरों को तनख्वाह देते हैं। लैप्रोस्कोपी जैसे आपरेशन आपने लिस्ट से ही डिलीट कर दिए। ऐसे उदाहरण हैं कि 70-70 लाख रुपये का बकाया है। गरीब आदमी को अच्छा इलाज कहां से मिल पाएगा।

इंदूराज नरवाल को भालू कहने पर हुड्डा ने किया विरोध

सदन में मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस विधायक इंदूराज नरवाल को उनके निक नेम ”भालू” कहने पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भालू-भालू क्या है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदूराज नरवाल बहुत अच्छे व्यक्ति हैं।

जब बरोदा विधानसभा चुनाव में मेरी ड्यूटी लगी तो मंच से हुड्डा उन्हें भालू कहते थे। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि विधायक जिसका लाडला है, वह यह नाम ले सकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदूराज नरवाल हमारा भाई है, जिसके बाद मामला शांत हो गया।

हुड्डा बोले- सीएम साहब तो नरवाना वाले डॉक्टर बन गए

बहस के दौरान भपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सीएम साहब तो नरवाना वाले डॉक्टर बन गए। फिर किस्सा सुनाया कि नरवाना में एक व्यक्ति कुर्सी लगाकर दो शीशी लेकर बैठ गया। दांत में दर्द की शिकायत लेकर एक मरीज आया तो उसने एक शीशी में रखे मिर्च के पानी को आंख में डाल दिया।

फिर पूछा कि क्या दांत का दर्द ठीक हो गया। इस पर नायब सिंह सैनी ने पलटवार किया कि दस साल पहले यही हालात थे। कांग्रेस के समय की बहुत दर्द भरी कहानियां हैं।

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