उत्तर प्रदेश

लखनऊ कैंट को मिलेगी आधुनिक सुविधाओं की सौगात, 101 करोड़ की 12 परियोजनाओं का शुभारंभ

लखनऊ : एक से डेढ़ साल में लखनऊ में कई ऐसी बड़ी परियोजनाएं साकार रूप लेंगी जो शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और आमजन से जुड़ी होंगी. छावनी परिषद की तरफ से जिन 100 करोड़ 92 लाख रुपये की परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाना है, उनमें फुटबॉल ग्राउंड से लेकर अभ्युदया योजना और हॉस्पिटल जैसी सुविधाएं शुरू करने का खाका खींच लिया गया है. आम जनता से जुड़ी कई परियोजनाओं को भी इसी अवधि में साकार किया जाएगा जिसका सभी को काफी लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ 101 करोड़ की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व भूमि पूजन किया.

सीएम योगी ने रविवार को परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि हम इस वर्ष के अंत तक गोमती नदी को स्वच्छ बनाने में सफल होंगे. सेना की मध्य कमान ने गोमती नदी की अविरलता व स्वच्छता के लिए प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग दिया है, जिससे यह कार्यक्रम युद्ध स्तर पर बढ़ रहा है. पीएम और डिफेंस मिनिस्टर के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने नौ वर्ष में सुरक्षा, सुशासन की नई यात्रा तय की है.

20 वर्ष पहले राजधानी में रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लिखा होता था कि ‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’, लेकिन ट्रैफिक जाम, संकरी गलियों व गंदगी को देखकर मुस्कुराने के बजाय लोग रोने को मजबूर होते थे, लेकिन अब लखनऊ ने पुरानी विरासत के साथ आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान बनाई है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ छावनी को मॉडल छावनी के रूप में विकसित करना है.

एआई बेस्ड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अलावा यहां स्कूल में अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था भी प्रारंभ होने जा रही है. सीएम ने विश्वास जताया कि लखनऊ की छावनी परिषद ‘आदर्श’ बनकर विकास व जन-सुविधाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी. ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रसर होगी. सीएम ने कहा कि यह छावनी परिषद अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी, जिससे सैन्यकर्मियों, पूर्व सैन्यकर्मियों व सिविलियन को यहां हर महत्वपूर्ण सेवा मिलेगी.

सीएम ने कहा कि लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में अटल जी के सपनों को साकार किया गया है. लखनऊ में संकरी गलियां हैं तो सीएम ग्रिड की स्मार्ट रोड भी है. किसान पथ जैसा आउटर रिंग रोड भी है. यहां ऊदा देवी पासी व महाराजा बिजली पासी के स्मारकों की धरोहर है तो दूसरी ओर लखनऊ भारत की रक्षा आवश्यकता व आत्मनिर्भरता की दृष्टि से ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलों का केंद्र भी बना है. यहां हस्तशिल्पियों की चिकनकारी की अद्भुत कला है तो यूनेस्को ने ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता देकर लखनऊ को नई ऊंचाई तक पहुंचाया है.

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले जिस प्रदेश के सामने पहचान का संकट, अभाव, अराजकता, अव्यवस्था, उपद्रव था, आज वह प्रदेश इन सबसे उबर चुका है. हमने नौ वर्ष में उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया है. अब यूपी भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रहा है. भारत की आत्मनिर्भरता के लिए यूपी में छह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर भी स्थापित हो रहे हैं.

सीएम ने कहा कि सैन्य बलों की सेवाओं में यूपी हमेशा लीडिंग पोजिशन में रहा है. देश में सैनिक स्कूलों की परंपरा की शुरुआत डॉ. संपूर्णानंद ने यूपी से की थी. यूपी में बने कई सैनिक स्कूल युवाओं को तैयार कर रहे हैं, जो वर्तमान के साथ ही भविष्य के भारत की सुरक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति में योगदान देंगे. हमारी सेना के अधिकारी व जवान 24 घंटे अनवरत भारत की रक्षा करते हैं. पहले उनकी सुविधा के लिए फंड की कमी आड़े आती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है.

राजनाथ सिंह बोले- लखनऊ के विकास में सीएम योगी का बड़ा सहयोग: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में जो विकास कार्य हुए हैं, उसमें सबसे बड़ा सहयोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है. उन्होंने वह सब किया, जो कहा था. लखनऊ के हर कार्य में उन्होंने दिल खोलकर सहयोग किया और समय-समय पर समीक्षा भी की. केंद्र व राज्य सरकार की सोच एक दिशा में होने पर विकास की गति स्वाभाविक रूप से कई गुना बढ़ जाती है.

उत्तर प्रदेश सरकार, रक्षा मंत्रालय और उद्योग जगत मिलकर विकास के कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं. उत्तर प्रदेश विकास और सुशासन के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करता रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित भारत के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है. आज से 10-12 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज भारत जब बोलता है तो पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है.

रक्षा मंत्री ने कहा कि बदलाव केवल इमारतों में नहीं, पहचान में भी होना चाहिए. लखनऊ छावनी में ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाजारों के नाम बदलकर स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े व्यक्तित्वों के नाम पर किए गए हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ छावनी के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण है. करीब 101 करोड़ रुपये की लागत वाली ये 12 परियोजनाएं लखनऊ कैंट के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता हैं.

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