पंजाबराज्य

पूर्व कांग्रेस विधायक सहित कई नेता अकाली दल में शामिल, मोगा में पार्टी मजबूत

मोगा। मोगा जिले में कांग्रेस के साथ-साथ पूनर-सुरजीत गुट को बहुत बड़ा झटका लगा जब पूर्व कांग्रेस विधायक राजविंदर कौर भागीके और पुनर-सुरजीत गुट के नेता हरभूपिंदर सिंह लाडी ने अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हो गए।

अकाली दल अध्यक्ष के निहाल सिंह वाला के बुटटरकलां गावं के दौरान वह पार्टी में शामिल हो गए। इससे निहालसिंह वाला हलके में पार्टी बहुत मजबूत हुई है। इस अवसर पर इन दो नेताओं के अलावा पार्टी में शामिल होने वाले नौजवान नेता जसदीप सिंह अपने 200 समर्थकों के साथ पूर्व ब्लाॅक समिति मैंबर गुरदेव सिंह भागीके, ब्लाॅक समिति सदस्य पलविंदर सिंह बुटटर, पूर्व सरपंच हरमेल कौर रामूलवाल हरचोके और एडवोकेट अमनिंदर सिंह बुटटर शमिल हुए।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए सरदार सुखबीर सिंह बादल ने पंजाबियों से आग्रह किया कि वे पुनर सुरजीत अकाली दल से सावधान रहें। उन्होने कहा कि इस गुट ने केंद्रीय एजेंसियों से मिलकर अकाली दल को खत्म करने की साजिश रची थी।

पुनर सुरजीत पार्टी लोगों ने भरोसा नहीं जताया

सुखबीर बादल ने कहा कि अब जब पुनर सुरजीत पार्टी पर भरोसा न जताकर जनता ने इनकी साजिश को नाकाम कर दिया। इसके प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने स्वीकार किया है कि वे मुझे अकाली दल में दस साल तक कोई भी पद पर जाने से प्रतिबंधित करना चाहते थे। वह पंथ विरोधी ताकतों का दृढ़ता से विरोध करने करेंगें।

सरदार बादल ने कहा कि न तो मैंने और न ही सरदार परकाश सिंह बादल ने कभी सिख समुदाय यां पंजाब के हितों से समझौता किया है। समुदाय, पंजाब और अकाली दल की प्रतिष्ठा मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अकाली दल अध्यक्ष ने यह भी बताया कि पंजाबी महसूस कर रहे हैं कि अकाली दल उनके हितों का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व करती है, क्योंकि यह राज्य मं एक क्षेत्रीय पार्टी होने के नाते अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है।

पार्टियों ने राज्य के हितों के साथ विश्वासघात किया

सुखबीर बादल ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ने उनके हितों के साथ विश्वासघात किया है और किसानों, नौजवानों, हाशिए पर पड़े वर्गोें यां व्यापार और उद्योग की भलाई में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होने कहा कि पुनर सुरजीत अकाली दल भी जनता का विश्वास जीतने में विफल रही है, क्योंकि पंजाबियों को लगता है कि यह पंजाब विरोधी ताकतों का मुखौटा है।

यही कारण है कि नेता इस गुट को छोड़कर अपनी मां पार्टी में वापिस लौट रहे हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ नेताओं में जिला मोगा के तीर्थ सिंह महला, राजिंवदर सिंह धर्मकोट, खानमुख भारती, सन्नी गिल भी मौजूद थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button