तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच
बेरोजगारों ने किया जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन

कुलदीप कुमार
देहरादून। शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार विगत 4 जून से शिक्षा निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन उनकी मांगों का अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। आज प्रशिक्षित बेरोजगारों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सुभाष रोड पर पुलिस हेडक्वार्टर से पहले बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इससे नाराज बेरोजगारों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
अपनी मांगों के संबंध में तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया गया है। शारीरिक प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे ने कहा आरटीई नियम 2009 और एनसीटीई की ओर से जारी 12 नवंबर 2014 की गाइडलाइन की दूसरी अनुसूची में कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के छात्र संख्या वाले विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक व्यायाम रखने की बात की गई है, किंतु अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा उत्तराखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित फाइल कई सालों से विभागों में दौड़ाई जा रही है। जिस कारण प्रशिक्षित बेरोजगारों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। वित्त विभाग फाइल को विभागीय पुनर्गठन का हवाला देकर मामले को टलता जा रहा है। अब तक निदेशालय से लेकर शिक्षा विभाग में फाइल लंबित पड़ी हुई हैं। इस देरी की वजह से शारीरिक शिक्षक व्यायाम प्रशिक्षित बेरोजगार मायूस हैं।
बेरोजगारों ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक एक शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य किए जाने, प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य करने और आयु सीमा में प्रशिक्षित बेरोजगारों को छूट दिए जाने की मांग उठाई है। शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों ने कहा वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा वे आखिरी दम तक अपनी मांगों को लेकर मुखर रहेंगे। उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी।





