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पंचकूला की 200 करोड़ की जमीन विवाद में नया मोड़, दोबारा जांच के आदेश

चंडीगढ़: पंचकूला के सेक्टर-31 (चौकी गांव) स्थित 72 बीघा (18 एकड़ से अधिक) जमीन के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। 200 करोड़ रुपये की इस भूमि से जुड़े मामले को अंबाला मंडल के आयुक्त संजीव वर्मा ने दोबारा जांच की के लिए पंचकूला डीसी के पास भेज दिया है। यह भूमि मेसर्स पोलो होटल्स लिमिटेड और उसके मालिक एआर दहिया के दावे से जुड़ी है। जमीन पर पहले होटल नॉर्थ पार्क संचालित होता था और इसके लिए चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) भी स्वीकृत हो चुका था। तत्कालीन डीसी सुशील सरवान ने अपने एक आदेश में होटल मालिक के पक्ष में फैसला दे दिया था।

नगर निगम ने आदेश को चुनौती देते हुए आयुक्त के समक्ष अपील दायर की थी। निगम का तर्क था कि चौकी गांव का पूरा राजस्व क्षेत्र नगर निगम की सीमा में शामिल हो चुका है और अब वहां कोई ग्राम पंचायत अस्तित्व में नहीं है। ऐसे में पंजाब विलेज कॉमन लैंड्स (रेगुलेशन) एक्ट के तहत जिला उपायुक्त को भूमि स्वामित्व तय करने का अधिकार नहीं है।

सुनवाई के दौरान आयुक्त संजीव वर्मा ने पंचकूला के वर्तमान डीसी सतपाल शर्मा से रिपोर्ट मांगी। जिला प्रशासन ने 100 वर्ष से अधिक पुराने राजस्व रिकॉर्ड पेश किए। इनमें 1918-19 से लेकर 1942-43 तक की जमाबंदियों में पोलो होटल्स के पूर्वजों का नाम और भूमि पर उनका हिस्सा दर्ज पाया गया। रिकॉर्ड के आधार पर आयुक्त ने माना कि संबंधित पक्ष के पूर्वज 26 जनवरी 1950 से पहले भूमि में हिस्सेदार और काश्तकार थे।

मामले में नया मोड़ तब आया जब नगर निगम ने बताया कि विवादित भूमि का करीब 15 बीघा 13 बिस्वा हिस्सा 1990 में राज्य सरकार ने अधिगृहीत कर लिया था और उसके बदले संबंधित पक्ष के पूर्वजों को मुआवजा भी मिला था।

आयुक्त ने आदेश में कहा कि इस तथ्य की गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने डीसी को निर्देश दिए हैं कि राजस्व रिकॉर्ड, भूमि अधिग्रहण संबंधी दस्तावेज और मुआवजा भुगतान के रिकॉर्ड की जांच करके तय किया जाए कि अधिग्रहित भूमि के कारण पोलो होटल्स और एआर दहिया के हिस्से में कितनी कटौती बनती है।

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