उत्तराखण्डराज्य

कांग्रेस में एक बार फिर बगावत का तूफान

हाईकमान के फैसले से नाराज 12 पार्षदों सहित कई कांग्रेसियों ने दिया इस्तीफा

रुद्रपुर। कांग्रेस हाईकमान द्वारा जनपद उधमसिंह नगर के जिलाध्यक्ष व रूद्रपुर महानगर अध्यक्ष पद पर मनोनीत पदाधिकारियों की घोषण श होते ही पार्टी के अन्दर सूनामी सी आ गई। आज कांग्रेस के करीब एक दर्जन पार्षदों सहित भारी संख्या में अन्य पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पार्टी से त्यागपत्र देने की घोषणा कर दी। गौरतलब हो कि पार्टी द्वारा जनपद उधमसिंह नगर के लिए हिमांशु गाबा को जिलाध्यक्ष व ममता रानी को रूद्रपुर महानगर अध्यक्ष घोषित किया गया है। जिसको लेकर पार्टी के भीतर काफी रोष भड़क उठा है। आज सिटी क्लब में कांग्रेस के पार्षदों सुशील मंडल, सौरभ बेहड़, इन्द्रजीत सिंह, गौरव खुराना, परवेज कुरैशी, शुभम दास, गौरव गिरी, अशफाक सहित पार्षद प्रतिनिधि सौरभ शर्मा, रिजवान, राजू कोली ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर पार्टी हाईकमान के निर्णय का विरोध करते हुए पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। उनका आरोप था कि जब जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष पद के लिए पर्यवेक्षकों द्वारा कई बार रायशुमारी कर पार्टी के जनप्रतिनिधियों सहित तमाम पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श किया गया। सभी ने जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के लिए समर्पित नाम सुझाये थे। परंतु पर्यवेक्षकों ने अधिकांश रायशुमारी को दरकिनार कर उनकी उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों की रायशुमारी की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। ताकि सच्चाई सामने आ सके। पार्षदों का यह भी आरोप था कि जब जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष पदों के लिए नाम पहले से ही तय किये जा चुके थे तो रायशुमारी कराई ही क्यों गई थी? उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की ही उपेक्षा की जाये ऐसी पार्टी में रहने का कोई औचित्य नहीं है। पार्षदों ने यह भी कहा कि वह पिछले कई सालों से कांग्रेस पार्टी के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। जन समस्याओं के लिए कई बाद आन्दोलन भी किये लेकिन जिले का मुखिया कभी भी किसी भी आन्दोलन में शामिल नहीं हुआ। ऐसे व्यक्ति को पुनः जिले की कमान सौपना मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद निर्दलीय राजनीति करेंगे। उनका कहना था कि कांग्रेस के ही पार्षद जितेश शर्मा शहर से बाहर है,उन्होंने भी फोन पर कांग्रेस से त्यागपत्र देने की बात कही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button