पंजाबराज्य

पंजाब की पहली सड़क सुरक्षा फोर्स SSF ने बचाई हजारों ज़िंदगियाँ

पंजाब में सड़क हादसों को रोका जा सके और ऐसे हादसों में समय रहते लोगों की जान बचाई जा सके। इसके लिए पंजाब सरकार ने खास तौर से स्पेशल फोर्स तैनात की थी। जिसको नाम दिया गया ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF)। सीएम भगवंत मान के दिशा-निर्देश अनुसार ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF) को बेहद हाईटेक फोर्स बनाया गया। सड़क हादसों में लोगों की जान बचाने के लिए SSF को 24 घंटे और सातों दिन तत्पर रखा गया। SSF में शामिल होने वाले सभी जवानों की कपूरथला में विशेष ट्रेनिंग हुई थी। इसके साथ ही पंजाब देश का ऐसा पहला राज्य बन गया था। जहां सड़क हादसों के लिए एक स्पेशल फोर्स SSF लॉन्च की गई।

अब पंजाब में इसी ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ के 2 साल पूरे हो गए हैं। जहां इन 2 सालों में SSF ने अभूतपूर्व कामयाबी हासिल की है। SSF की सक्रियता के चलते पंजाब भर में रोड एक्सिडेंट में मरने वालों का आंकड़ा करीब 48% तक घट गया है। यानि औसतन दो हजार लोगों में लगभग 950 लोगों की जान पा रही है। सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के लिए यह एक बड़ी कामयाबी है। आज ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ के 2 साल पूरे होने पर सीएम भगवंत मान ने बताया है कि पंजाब में SSF के कामयाब होने के बाद और राज्यों की सरकारें भी इस ओर रुझान पैदा कर रहीं हैं।

सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर लिखा, ”राज्य के लोगों की सुरक्षा के लिए गठित देश की पहली ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ ने आज अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं. सरकार की इस अनोखी पहल के कारण सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है। SSF द्वारा मात्र 5 से 7 मिनट के भीतर दुर्घटनास्थल पर पहुँचकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा हैं। अमूल्य जानों को बचाने की इस प्रभावी पहल को अपनाने के लिए अन्य राज्य भी हमारी सरकार से संपर्क कर रहे हैं। राज्य के हर नागरिक का जीवन हमारे लिए बहुमूल्य है और उसे बचाने में हम सफल भी हो रहे हैं।”

SSF को मिलीं हैं दुबई पुलिस वाली गाड़ियां

SSF को बेहद एडवांस टोयटा हिलिक्स की गाड़ियां दी गईं हैं। ये गाड़ियां दुबई पुलिस इस्तेमाल करती है। टोयटा हिलिक्स की 144 हाईटेक गाड़ियां SSF को सौंपी गई हैं। टोयटा हिलिक्स में SSF के लिए पूरा सिस्टम है। गाड़ियों में बचाव उपकरण, गैस कटर, आरी ब्लेड, टोचन, फ़र्स्ट ऐड की सुविधा है। सीएम मान का कहना कि, देश की किसी भी पुलिस के पास इतनी हाईटेक गाड़ियां नहीं हैं जितनी SSF के पास हैं। SSF में शामिल जवानों को हादसे के पीड़ितों को सुरक्षित निकालने और अस्पताल ले जाने से पहले तुरंत मेडिकल मदद देने की प्रशिक्षित किया गया है।

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