श्री हरि मंदिर बरेली के 65 वां वार्षिक महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद भागवत कथा का सप्तम विश्राम दिवस

ललित कुमार कश्यप
बरेली । श्री हरि मंदिर मॉडल टाउन, बरेली के 65 वां विराट भक्ति वार्षिक महोत्सव के अंतर्गत श्रीमद भागवत कथा के सप्तम विश्राम दिवस विद्वान ब्राह्मणों द्वारा सर्वप्रथम नवग्रह और श्रीमद भागवत जी का विधिवत पूजन किया गया तत्पश्चात पठानकोट से पधारे श्री अतुल कृष्ण महाराज ने कथा श्रवण कराते हुए भक्तों को भाव विभोर कर दिया
आज सुदामा चरित्र और भगवान के 24 अवतारों का वर्णन किया। सुदामा चरित्र श्री कृष्ण और सुदामा के मिलन,सुदामा की दीन अवस्था और श्री कृष्ण की उदारता का वर्णन है। सुदामा जी बहुत दिनों बाद द्वारिका आए,कृष्ण से मिलने के लिए,उनकी पत्नी द्वारा उन्हें जबरदस्ती भेजा गया,उनकी अपनी कोई इच्छा नहीं थी।बहुत दिनों बाद दोनों मित्रो का मिलन और सुदामा की दीन अवस्था और कृष्ण की उदारता का वर्णन किया। किस तरह से उन्होंने अपने मित्रता धर्म निभाते हुए सुदामा के लिए उदारता दिखाई,वह सब किया जो एक मित्र को करना चाहिए। महाराज जी ने श्री कृष्ण और सुदामा की आपस की नौक जोख का वर्णन किया। यह भी बताया कि श्री कृष्ण कैसे अपने मित्रता धर्म का पालन बिना सुदामा के कहे हुए,उसके मन की बात जन कर कर देते है। मित्र का सबसे प्रथम कर्तव्य होता है कि वह अपने मित्र के बिना कहे उसके मन की बात और उसकी अवस्था को जान ले और उसके लिए कुछ करें और उदारता दिखाई यही महानता है। सुदामा अपने मित्र श्री कृष्ण से मिलने जाते हैं तो द्वारपाल सुदामा को रोक लेते हैं, द्वारपाल भगवान की सूचना देते हैं कि फटे पुराने कपड़ों में कोई दिन हीन आया है,वह आपसे मिलना जाता है अपना नाम सुदामा बता रहा है, भगवान ने जैसे ही सुदामा का नाम सुना सिंहासन से उठकर भागे, दुपट्टा कहीं गिरा,अपनी सुध बुध खोकर भागे सुदामा से मिलने को, सुदामा को अपनी बाहों में भर लिया और अपने सिंहासन में बैठाया ।सुदामा का यह हाल देखकर द्वारकाधीश खूब रोए,पानी की बारात में पैर रखकर सुदामा के चरणों को धोने लगे, सुदामा के पैर धोने के लिए पानी की आवश्यकता नहीं पड़ी, अपने नैनों के गर्म जल से श्री कृष्णा ने सुदामा के पैर धोए। भगवान तो भक्तों के अधीन है। भगवान कहते हैं तू मेरी और बढ़ मैं तेरे तेरे पास दौड़ा चलाऊंगा। भक्त वत्सल है ।भगवान तो भक्तों के वश में है भक्त चाहे जैसे भगवान का भजन करें, श्रवण करें, सच्चे मन से करें भगवान तो भाव के भूखे हैं
सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि कल से भारत के विभिन्न क्षेत्रों से भजनीक श्री हरि मंदिर बरेली पधारेंगे और जुगल जोड़ी सरकार के श्री चरणों में अपनी अपनी हाजरी देगे। कल की भजन संध्या पठानकोट के पधारे श्री अतुल कृष्ण शास्त्री जी महाराज के सानिध्य में होगी जिस का समय 8 बजे से प्रभु इच्छा तक चलेगी।आप सभी सादर सपरिवार आमंत्रित हैं।
आज के कार्यक्रम में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुशील अरोड़ा, सचिव रवि छाबड़ा ,अश्विनी ओबेरॉय, संजय आनंद, गोविंद तनेजा,अतुल कपूर,जितेंद्र अरोरा,गिरीश आनन्द,संजय मेहरोत्रा,संजीव अरोड़ा ,कथा के यजमान सुप्रिया अंकित अग्रवाल, शुभ अनुज अग्रवाल शीशगढ़ वाले आदि उपस्थित रहे ।
महिला सेवा समिति की अध्यक्ष रेनू छाबड़ा, कंचन अरोड़ा,नेहा आनंद,नीलम साहनी,नीलम लुनियाल,सीमा तनेजा, सोनिया अतुल कपूर,नीलम ओबेरॉय,सोनिका आहूजा,चांद खुराना आदि उपस्थित रही और भागवत जी की आरती उतारी। समापन पर सभी भक्तजनों को प्रसाद वितरण किया गया।





