उत्तर प्रदेशउन्नाव

नगर में चल रही रामलीला में परशुराम- लक्ष्मण संवाद का कलाकारों ने किया बेहतरीन मंचन

दैनिक बालजी एम एम मालवीय

गंजमुरादाबाद, उन्नाव। नगर में चल रहे राम लीला आयोजन में आज शनिवार को धनुष भंग लीला का मंचन कलाकारों ने किया। परशुराम-लक्ष्मण संवाद को सुनने के लिए पूरी रात भीड़ जमी रह। पुत्री सीता के विवाह के लिए राजा जनक ने सीता स्वयंवर का आयोजन किया। उपस्थित राजा धनुष को उठाना तो दूर हिला तक नहीं सके तो परेशान होकर राजा जनक विलाप करने लगे। उन्होंने कहा कि उन्हें आज पता चला कि पृथ्वी वीरों से खाली हो चुकी है। जनक का विलाप सुन दर्शक भाव विभोर हो गए। जनक की बातें सुन लक्ष्मण क्रोधित हो उठे तब भगवान राम ने इशारे से उन्हें रोका और विश्वामित्र से आज्ञा लेकर धनुष का भंजन किया। धनुष टूटते ही सीता ने भगवान राम के गले में जयमाला डाल दी। धनुष टूटने की आवाज सुनते ही परशुराम स्वयंवर में आ गए और धनुष तोड़ने वाले का नाम पूछने लगे, इस पर वहां सन्नाटा छा गया। वहीं परशुराम और लक्ष्मण के बीच जमकर शब्दों के बाण चले। लक्ष्मण के यह कहने पर कि बहु धनुहीं तोड़ी लरिकाई। कबहुं न अस रिस कीन्ह गोसाईं। परशुराम जी ने क्रोधित होकर कहा कि रे नृप बालक काल बस बोलत तोहि न संभार । धनुहीं सम त्रिपुरारी धनु विदित सकल संसार।। सुबह आठ बजे तक चले संवाद के बाद जब परशुराम को भगवान राम के अवतार के बारे में ज्ञान हुआ तो उन्होंने अपने संदेह को दूर करने के लिए धनुष उन्हें दिया। इस अवसर पर परशुराम की भूमिका प्रिंस दीक्षित, राम की भूमिका आशीष बाजपेई ने व लक्ष्मण की भूमिका मनोज पाण्डेय ने निभाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button