पंजाबराज्य

अकाल तख्त साहिब ने पंजाब सरकार को घेरा, विधायकों को 29 जून को तलब किया

श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब सरकार की ओर से अप्रैल 2026 में पारित बेअदबी कानून को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के निर्देश पर पंजाब के 40 सिख विधायकों को 29 जून को अकाल तख्त सचिवालय में पेश होने के लिए कहा गया है।

अकाल तख्त सचिवालय के प्रभारी बगीचा सिंह के मुताबिक, सिख विधायकों और मंत्रियों को 17 और 18 जून को इस संबंध में पत्र भेजे गए थे। ये पत्र पंजाब विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ई-मेल आईडी पर भेजे गए। साथ ही, संबंधित मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सएप के जरिए भी साझा किए गए। इसके बाद 23 जून को पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह को भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पत्र भेजा गया।

उन्होंने बताया कि 29 जून को सुबह 11 बजे अमृतसर स्थित सचिवालय, श्री अकाल तख्त साहिब में अहम बैठक होगी। इस बैठक में बेअदबी कानून में किए गए बदलावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सचिवालय की ओर से संबंधित विधायकों को फोन कर भी नोटिस की सूचना दी गई है।

जिन विधायकों को तलब किया है उनकी सूची –

अकाल तख्त सचिवालय ने पंजाब कैबिनेट के गैर-सिख मंत्रियों से भी कहा है कि वे 29 जून से पहले इस मामले पर अपना लिखित पक्ष सौंपें।

सचिवालय का कहना है कि बेअदबी कानून में संशोधन श्री अकाल तख्त साहिब, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और गुरु खालसा पंथ की राय लिए बिना किए गए। इसी वजह से इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए सिख विधायकों और मंत्रियों से जवाब मांगा गया है।

29 जून को होने वाली यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें बेअदबी कानून को लेकर पंजाब सरकार और सिख संस्थाओं के बीच उभरे मतभेदों पर खुलकर चर्चा होने की संभावना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button