
रायपुर: बीजेपी ने 7 मोर्चों के प्रभारियों की सूची जारी की है, लेकिन सूची में महिला मोर्चा के प्रभारी के तौर पर सुभाष तिवारी का नाम सामने आने के बाद सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि महिलाओं को प्राथमिकता देने और महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली बीजेपी को क्या प्रभारी बनाने के लिए एक भी काबिल महिला नहीं मिली.
कांग्रेस का बीजेपी आरएसएस पर तीखा हमला
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने बीजेपी और आरएसएस पर महिला विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी मंचों और विज्ञापनों में महिला सशक्तिकरण और महिलाओं को नेतृत्व देने की बात करती है, लेकिन संगठनात्मक नियुक्तियों में उसका अलग चरित्र सामने आया है.
बीजेपी में मोर्चा, प्रकोष्ठ और विभागों के प्रभारियों की नियुक्ति की गई है, जिसमें महिला मोर्चा की जिम्मेदारी एक पुरुष को दे दी गई है. क्या बीजेपी में महिला नेतृत्व की कमी है या फिर पार्टी महिलाओं को नेतृत्व देना ही नहीं चाहती- धनंजय सिंह ठाकुर, प्रवक्ता, कांग्रेस
“बीजेपी का दोहरा चरित्र आया सामने”
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि हाल ही में सरकार ने महिला जनप्रतिनिधियों-महापौर, पार्षद, पंच और सरपंच-के कामकाज में उनके पतियों के हस्तक्षेप को लेकर नियमों में बदलाव किया है. ऐसे में महिला मोर्चा का प्रभारी पुरुष को बनाया जाना बीजेपी के कथित दोहरे चरित्र को दर्शाता है.
आरएसएस-बीजेपी की महिला विरोधी मानसिकता उजागर
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस महिलाओं को नेतृत्व देने के बड़े दावे करते हैं, लेकिन संगठन के शीर्ष स्तर पर महिलाओं की भूमिका सीमित रही है. उन्होंने आरएसएस में अब तक किसी महिला के सरसंघचालक न बनने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बीजेपी के दावों और संगठनात्मक फैसलों में अंतर साफ दिखाई देता है.
इन नियुक्तियों पर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर निशाना साधा रही है और सवाल खड़े कर रही है. ऐसे में अब देखना होगा कि बीजेपी की तरफ से इस मुद्दे पर क्या जवाब आता है.


