
अंबाला: इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी द्वारा PM मोदी की मिमिक्री करने और मोदी की मां के बारे में विविध शब्द कहने पर कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। विज ने कहा कि राहुल गांधी हिंदुस्तान की संस्कृति को नहीं जानते, मां का क्या स्थान है यह जानते नहीं है और छात्रों को भी खराब कर रहे हैं। उनको अच्छे संस्कार देने की बजाय उनकी आदतें बिगाड़ रहे हैं ताकि वह भी जाकर अपनी मां का अपमान करें।
विज ने कहा कि अभी राहुल गांधी भागे भागे घूम रहे हैं और वह सोचते हैं इससे उनका राजनीतिक कद बढ़ेगा लेकिन राजनीतिक कद का मतलब प्रजातंत्र में वोट से होता है और राहुल युवाओं के पीछे दौड़ रहे हैं इसका नतीजा दिल्ली यूनिवर्सिटी में इनके उम्मीदवार को हराकर एबीवीपी ने इनका जवाब दे दिया है।
पंजाब यूनिवर्सिटी में एबीवीपी ने चुनाव जीत के इनका जवाब दे दिया है यह जो यूथ है बहुत समझदार है इनको गलतफहमी है। लोगों की शक्ल के लिए आ जाते हैं लेकिन इनका साथ नहीं देते कोई भी डूबते जहाज में चढ़ने नहीं चाहता कांग्रेस का जहाज तो डूब रहा है।
वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस विधायक डॉ. एचडी रंगनाथ ने कहा है कि, “भारतीय लोगों के बीच अशांति फैलाना सही नहीं है। असल में, BJP ने कभी भी भारतीय राष्ट्रगान का सम्मान नहीं किया है। उन्होंने इसे कभी अपने कार्यालय में नहीं गाया है। उन्होंने कभी अपने कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया है। और न ही कभी महात्मा गांधी का सम्मान नहीं किया।
वे उस व्यक्ति को सामने लाते हैं जिसने गांधी जी की हत्या की थी, इसलिए उनको लगता है कि BJP पार्टी हमेशा इस बारे में सोचती है कि देशभक्ति में नकारात्मकता कैसे लाई जाए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज जाते हैं राष्ट्रगान भी कहते हैं राष्ट्रगीत भी कहते हैं अब उनकी दुनिया में क्या चल रहा है इस बारे में तो वही जानते हैं लेकिन हमारी दुनिया में तो सब कुछ सही हो रहा है। अनिल विज ने कहा कि हो सकता है इस तरह की बयानबाजी वह किसी दबाव में कर रहे होंगे हालांकि बीजेपी ने कभी भी महात्मा गांधी की हत्या करने वाले का नाम नहीं लिया।
कांग्रेस ने SIR को ‘शाह द्वारा प्रेरित हटाना’ (Shah Instigated Removal) बताया और मतदाताओं के नाम ‘असामान्य रूप से बड़ी संख्या’ में हटाए जाने पर चिंता जताई। रविवार को कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में किए जा रहे ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों पर चिंता व्यक्त की और विभिन्न राज्यों में लाखों नाम हटाए जाने और उनके सत्यापन की ओर इशारा किया।
जिस पर अनिल विज ने कहा कि SIR चुनाव आयोग का निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए एक अभियान है उसमें सरकार का कोई दखल नहीं और यह चुनाव आयोग की ड्यूटी भी है कि जो सही मतदाता है वही अपने मत का प्रयोग करें और जो दूसरे देशों से लाकर बताई जा रहे हैं और जिनकी नागरिकता पर प्रश्न चिन्ह है वह लोग मतदान न कर सके इसलिए SIR करवाया जा रहा है।

