
रायपुर: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने अब संगठन को चुनावी मोड में धार देने की कवायद तेज कर दी है. इस कड़ी में रायपुर संभाग में चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आज दूसरा दिन संपन्न हुआ. जोरा स्थित प्रतिष्ठा मांगलिक भवन में आयोजित इस शिविर में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को संगठन की मजबूती, विचारधारा और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर प्रशिक्षण दिया गया.
प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत
रायपुर में कांग्रेस के संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत ध्वजारोहण और योगाभ्यास के साथ हुई. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने जिलेवार प्रतिभागियों की उपस्थिति दर्ज की. प्रशिक्षण सत्र के दौरान पार्टी संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे.
संगठन और राजनीतिक रणनीति पर मार्गदर्शन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने संगठन के महत्व, उसके निर्माण और पदाधिकारियों के दायित्वों पर विस्तार से जानकारी दी. वहीं, पूर्व मंत्री और सीडब्ल्यूसी सदस्य ताम्रध्वज साहू ने सत्ता और संगठन के समन्वय के साथ राजनीतिक दिशा एवं रणनीति को लेकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया.
कृषि, संविधान और मीडिया मैनेजमेंट पर चर्चा
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कृषि एवं सिंचाई योजनाओं में कांग्रेस के योगदान पर जानकारी दी. वरिष्ठ नेता राजेश वितारी ने सर्वोदय विकास और संविधान के प्रारूप से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे. कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरएसएस से जुड़े विमर्श और मीडिया मैनेजमेंट पर व्याख्यान दिया.
सोशल मीडिया और कनेक्ट सेंटर पर प्रशिक्षण
प्रशिक्षण शिविर में सोशल मीडिया से जुड़े विषयों पर मणी वैष्णव ने जानकारी दी. महामंत्री दीपक मिश्रा ने कनेक्ट सेंटर के कार्यों और उसकी भूमिका पर प्रशिक्षण दिया.
चुनावी तैयारियों पर फोकस
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए संभागवार प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन शुरू किया है. रायपुर संभाग में 20 सितंबर से शुरू हुए तीन दिवसीय शिविर में संभाग के 74 ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को संगठन संचालन, विचारधारा, जनसरोकार और जमीनी राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कांग्रेस के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.


