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उत्तराखंड में ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय निशुल्क गैस रिफिल योजना’ पर जोर, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने इस दौरान कहा कि अंत्योदय निशुल्क गैस रिफिल योजना लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इस योजना का लाभ अंत्योदय कार्डधारकों को शत-प्रतिशत मिले।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को सिलेंडर भरने के लिए धनराशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी। खाद्य विभाग को ऐसी व्यवस्था बनानी होगी कि इस राशि का उपयोग केवल सिलेंडर रिफिल के लिए ही हो सके। राज्य में 1 लाख 84 हजार अंत्योदय कार्डधारक परिवार इस योजना से जुड़े हैं, जिससे लगभग 10 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

राशन वितरण और भंडारण में सुधार के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत सभी लाभार्थियों का डेटा अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि बायोमेट्रिक कठिनाइयों के कारण वरिष्ठ नागरिक या अन्य पात्र लोग राशन से वंचित न रहें। ऐसे मामलों में ऑफलाइन प्रमाणीकरण या वैकल्पिक प्रणाली से राशन वितरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने खाद्यान्न भंडारण की वर्तमान क्षमता और गोदामों की भौतिक स्थिति की समीक्षा कर सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया ताकि लाभार्थियों को किसी भी स्थान से राशन प्राप्त करने में कोई बाधा न हो।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल

मुख्यमंत्री ने ई-पूर्ति पोर्टल पर रियल टाइम ट्रांजैक्शन डेटा की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार सीडिंग और मोबाइल ओटीपी आधारित वितरण प्रणाली को सशक्त बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही, फर्जी राशन कार्ड की पहचान कर संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई करने और लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले डीलरों व अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने के भी सख्त निर्देश दिए गए। यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि हर महीने सभी कार्डधारकों को समय पर और पूरा राशन मिले।

दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय

मुख्यमंत्री ने दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में पूर्व-स्टॉकिंग की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने राज्य में गोदामों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार उनके आधुनिकीकरण और विस्तार पर जोर दिया। हर जिले के लिए बफर स्टॉक की योजना तैयार करने और मिड-डे मील तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को समयबद्ध ढंग से खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। खाद्य शिकायत निवारण प्रणाली पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव बंशीधर तिवारी और खाद्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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