उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने राजस्व बढ़ाने के लिए दिए नवाचार और तकनीक के प्रयोग पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आज सचिवालय में राजस्व वृद्धि के संबंध में महत्वपूर्ण विभागों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीक के अधिक प्रयोग के निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश और फोकस क्षेत्र
मुख्य सचिव ने वन विभाग को राजस्व के नए स्रोत जोड़ने पर जोर दिया, जिसमें जड़ी बूटी, कार्बन क्रेडिट और इको टूरिज्म को बड़े स्रोतों के रूप में विकसित करने की बात कही गई। उन्होंने सभी डिवीजनों को जड़ी-बूटी क्षेत्र में संभावनाओं का परीक्षण कर लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। इको टूरिज्म को प्रोत्साहन देकर राजस्व बढ़ाने और टिम्बर बिक्री की ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही, वन निगम के वर्किंग प्लान में एक हजार मीटर से ऊपर के क्षेत्र को शामिल करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने वन विभाग को अपने खनन लक्ष्य पुनः निर्धारित करने का निर्देश दिया, जबकि खनन विभाग को लंबित पड़े 14 लॉट्स को अक्टूबर से पहले शुरू करने और लगातार नए लॉट्स चिह्नित करने को कहा।
पारदर्शिता और प्रभावी सिस्टम
राजस्व संग्रह में पारदर्शिता लाने के लिए सर्विलांस सिस्टम को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग करने पर बल दिया। वन निगम, कुमाऊं मंडल विकास निगम और गढ़वाल मंडल विकास निगम को आवंटित सभी लॉट्स का शत प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जीएसटी और परिवहन क्षेत्र
स्टेट जीएसटी के लिए सेक्टर-वार विश्लेषण कराने और इस वर्ष के लिए लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग की एएनपीआर प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने तथा इसे वन विभाग के सर्विलांस सिस्टम के साथ शीघ्र एकीकृत करने को भी कहा गया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनाई, सचिव दिलीप जावलकर, युगल किशोर पंत, वन विभाग से कपिल लाल, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, हिमांशु खुराना और श्रीमती सोनिका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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