आयुक्त, बरेली मण्डल, बरेली द्वारा उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण, सचिव, वरिष्ठ अभियंताओं और अधिकारियों के साथ मिलकर विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया

रामगंगा नगर आवासीय योजना (सेक्टर-2) रामायण वाटिका” का निरीक्षण।
बरेली। आयुक्त महोदय द्वारा सेक्टर-2 में विकसित भव्य रामायण वाटिका का गहन निरीक्षण किया, जिसमें विशेष रूप से भगवान श्रीराम की 51 फुट ऊँची भव्य प्रतिमा, वाटिका में स्थापित कलात्मक म्यूरल्स, विकसित मियावाकी वन क्षेत्र, पाथवे, लैंडस्केपिंग तथा प्रकाश व्यवस्था की गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता से अत्यंत प्रसन्न हुए। महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि यह स्थल बरेली शहर के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से एक विशिष्ट पहचान बनेगा।
सेक्टर-7 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एवं कन्वेंशन सेंटर।
आयुक्त महोदय द्वारा सेक्टर-7 में विकसित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एवं कन्वेंशन सेंटर का निरीक्षण किया, खेल गतिविधियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, मल्टी-स्पोर्ट्स एरीना, दर्शक दीर्घाओं, पार्किंग व कन्वेंशन सेंटर के सभागार एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुक्त महोदय द्वारा संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गति और गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए।
ग्रेटर बरेली आवासीय योजना में निर्माणाधीन “रूद्रावनम” पार्क का निरीक्षण।
प्राधिकरण की ग्रेटर बरेली आवासीय योजना में लगभग 1 लाख वर्गमीटर में विकसित किया जा रहा रूद्रावनम् पार्क का भी आयुक्त महोदय द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस पार्क के बरेली की भावी पहचान बनने की संभावना पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने समय-सीमा के अनुसार तीव्र गति से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बढ़े बाईपास एवं पीलीभीत रोड पर प्रस्तावित नई टाउनशिप।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त महोदय द्वारा बरेली विकास प्राधिकरण द्वारा बढ़े बाईपास एवं पीलीभीत रोड पर प्रस्तावित नई टाउनशिप के स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नई टाउनशिप में नियोजित सड़क नेटवर्क, वाणिज्यिक गतिविधियों के क्षेत्र, हरित पट्टियाँ, सामुदायिक सुविधाएँ, एवं भावी विस्तार योजनाओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और उच्च गुणवत्ता वाली शहरी डिजाइन प्रस्तावित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के उपरांत आयुक्त महोदय द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन परियोजनाएँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाएँ। कार्यों की गुणवत्ता, सौंदर्यीकरण, तथा सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। परियोजनाओं में आधुनिक तकनीक, हरित मॉडल एवं जनसुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।





