उत्तर प्रदेश

“24 घंटे में मिले मुआवजा”: UP में बारिश से 15 मौतों के बाद एक्शन में CM योगी, अफसरों को फील्ड में उतरने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले 48 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा पशु हानि और किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

24 घंटे के अंदर दिया जाए मुआवजा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि अधिक बारिश के चलते हुई जनहानि, पशु हानि और घायलों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। सीएम के निर्देश के बाद जिलाधिकारियों ने प्रभावित परिवारों और पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से बारिश से प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।

बर्बाद हुई फसलों का भी आकलन शुरू

वहीं, बारिश के कारण किसानों की बर्बाद हुई फसलों का भी आकलन शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित अधिकारी खेतों में हुए नुकसान का सर्वे कर रहे हैं, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके।

बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य भी जारी 

भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य भी जारी हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों से परिवारों को सुरक्षित निकालकर बाढ़ राहत शिविरों तक पहुंचा रही हैं। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों की आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए खास निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित आम जनमानस को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की बात कही है। साथ ही अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि अधिक बारिश का असर किसानों पर भी पड़ा है। खेतों में खड़ी धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। प्रशासन की ओर से फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button