
रायपुर: सोमवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर रायपुर में यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026 शुरू हुआ. राज्यपाल रमेन डेका ने इसका शुभारंभ किया. यह आयोजन 28 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा. इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित सुभाषचंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी किया. राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवाओ को सिर्फ नौकरी पाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए बल्कि अपने विचारों को उद्यम में बदलने का साहस भी रखना चाहिए. एक अच्छा विचार सही मार्गदर्शन और उपयुक्त तकनीक के साथ आगे बढ़े तो वही नवाचार सफल स्टार्टअप का रूप ले सकता है. आगे चलकर अनेक लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन सकता है
कृषि में नवाचार की बड़ी संभावनाएं-राज्यपाल
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि “हर क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता है. छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं. देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ नई तकनीकों और नए प्रयोगों को अपनाना जरूरी है. प्रत्येक राज्य के लिए आवश्यक मूलभूत खाद्य पदार्थों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है. जब हमारी खाद्य आवश्यकताएं सुरक्षित होंगी. तभी हम विकास के अन्य क्षेत्रों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे. छत्तीसगढ़ में नवाचार की सबसे बड़ी संभावनाएं हमारे अपने संसाधनों में हैं. कृषि, वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट, जैविक खेती, पशुपालन और जनजातीय उत्पादों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार अवसर हैं.”. किचन गार्डन और बाड़ी की अवधारणा को फिर से बढ़ावा देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि ऐसी पहल परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक हो सकती है
कृषि और जैव-प्रौद्योगिकी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. आज ऐसे नवाचारों की आवश्यकता है, जो किसानों की लागत कम करें. उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाएं. फसल के नुकसान को कम करें. किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध कराने में मदद करें. ऐसे नवाचार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं- रमेन डेका, राज्यपाल, छत्तीसगढ़
स्टार्टअप शुरू करने से पहले करें सर्वे
राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि “स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार का सर्वेक्षण करें. उत्पाद या सेवा की मांग और बाजार की संभावनाओं को समझें. किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी स्पष्ट योजना और रोडमैप तैयार करना चाहिए. योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं. स्टार्टअप के लिए परिश्रम और प्रशिक्षण के साथ बाजार का सर्वेक्षण, प्रबंधन क्षमता और वित्तीय समझ भी महत्वपूर्ण है.”
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं को कौशल प्रदान करना आवश्यक है. ताकि वे अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास में योगदान दे सकें. दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें. देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है. नई शिक्षा नीति में भी कौशल एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है.


