कूटरचित दस्तावेज तैयार कर रिटायर्ड आरटीआई अधिकारी की चार बीघे जमीन बेच डाली, तहसील समाधान दिवस में फूटा दर्द……

जालसाजों ने बुजुर्ग की जगह फर्जी किसान खड़ा कर साढ़े तीन करोड़ की जमीन की बीस लाख में रजिस्ट्री कराई……..
मोहनलालगंज। लखनऊ, मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र में सक्रिय जालसाजों ने फर्जीवाड़े की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। आईटीआई विभाग के रिटायर्ड अधिकारी चंद्र किशोर गुप्ता की करीब चार बीघे जमीन जालसाजों ने महज बीस लाख रुपये में बेच डाली, जबकि जमीन की बाजारू कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।यह मामला उस समय सामने आया जब पीड़ित रिटायर्ड अधिकारी चंद्र किशोर गुप्ता को इस गड़बड़ी की जानकारी मिली। पीड़ित रिटायर्ड अधिकारी ने मोहनलालगंज तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर अधिकारियों को आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई।पीड़ित रिटायर्ड अधिकारी का आरोप है कि पुरहिया गांव स्थित उनकी चार बीघे जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प लिया गया। गाटा संख्या 118/0.623 हैक्टेयर व गाटा संख्या 189/0.013 हैक्टेयर व गाटा संख्या 212/0.849 हेक्टेयर गाटा संख्या 215/0.341हेक्टेयर कुल चार किता रकबा 1.826हेक्टेयर का 1/2 भाग 0.913हेक्टेयर की इस जमीन पर एक फर्जी किसान को खड़ा कर जावित्री हॉस्पिटल के मालिक ईशा त्यागी के नाम रजिस्ट्री कराई गई। रजिस्ट्री के लिए प्रस्तुत किया गया व्यक्ति न तो वास्तविक भूस्वामी था और न ही उसका जमीन से कोई वास्ता।पीड़ित के अनुसार, इस जमीन की वर्तमान कीमत लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये है, जबकि यह सौदा मात्र बीस लाख रुपये में दर्शाया गया, जिससे स्पष्ट है कि यह सुनियोजित फर्जीवाड़ा है।शिकायत मिलने के बाद तहसील समाधान दिवस में मौजूद प्रभारी अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिस विभाग को जांच कर मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।इस घटना ने एक बार फिर से भूमि संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते इस फर्जीवाड़े का खुलासा नहीं हुआ होता तो पीड़ित रिटायर्ड अधिकारी अपने जीवनभर की पूंजी से हाथ धो बैठते है।





