बिना कहासुनी दबंगों ने युवक को पीटा, सिर में गंभीर चोट……

पीड़ित की तहरीर पर तीन नामजद के खिलाफ पुलिस जांच में जुटी……
मोहनलालगंज। लखनऊ, मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में सोमवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई जब कुछ दबंगों ने एक युवक पर सरेराह लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जानकारी के मुताबिक, पीड़ित अभिषेक सोमवार शाम किसी कार्य से लौट रहा था। इसी दौरान हुलासखेड़ा गांव निवासी बीरू पुत्र सोहन, अजय पुत्र सत्यनारायण और प्रकाश पुत्र गुरु प्रसाद बाइक से पहुंचे और बिना किसी कहासुनी के उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।घटना के बाद घायल अभिषेक किसी तरह थाने पहुंचा और तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।थानाध्यक्ष दिलेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावरों और पीड़ित के बीच कोई पूर्व विवाद नहीं था। यह हमला एकतरफा और पूर्व नियोजित प्रतीत हो रहा है। क्षेत्र में इस घटना को लेकर भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
मोहनलालगंज बस स्टॉप बना अवैध पार्किंग अड्डा, यात्री बेहाल परिवहन विभाग को रोजाना लाखों का नुकसान…….
मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कस्बे का बस स्टॉप इन दिनों गंभीर अव्यवस्था और अवैध कब्जों की चपेट में है। यह स्टॉप अब सार्वजनिक बसों के संचालन की बजाय निजी टैक्सियों और कारों की अनधिकृत पार्किंग स्थल बन गया है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि रोडवेज की बसों को रुकने तक की जगह नहीं मिल रही है। नतीजा यह कि सैकड़ों यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है, और परिवहन विभाग को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।बस स्टॉप के चारों ओर खड़ी टैक्सी और निजी कारों की वजह से बसें या तो किनारे रुक रही हैं, या फिर सीधे बिना रुके आगे निकल जा रही हैं। नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है, और कई बार वे निजी वाहनों का सहारा लेने को मजबूर हो जाते हैं। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि यात्रियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।बसों के निर्धारित प्लेटफॉर्म तक न पहुंच पाने के कारण न तो सुचारु टिकटिंग हो पा रही है और न ही नियमित संचालन संभव है। इससे परिवहन विभाग की कमाई पर प्रत्यक्ष असर पड़ रहा है। विभाग के अनुसार यह नुकसान प्रतिदिन लाखों में पहुंच रहा है।
कर्मचारी असहाय, रसूखदारों का दबदबा बरकरार……
परिसर में तैनात कर्मचारी कई बार पार्क की गई गाड़ियों को हटाने की कोशिश करते हैं, लेकिन रसूखदार वाहन मालिकों के सामने वे असहाय नजर आते हैं। बार-बार समझाने और चेतावनी देने के बाद भी वाहन हटाए नहीं जाते।इस विषय में जब एआरएम उपनगरीय लखनऊ से बात की गई तो उन्होंने बताया
हमने कई बार स्थानीय पुलिस को पत्र लिखकर बस स्टॉप की स्थिति से अवगत कराया है। कार्रवाई भी होती है, लेकिन कुछ ही दिनों में दोबारा वही स्थिति बन जाती है। पुलिस की ढिलाई और नियमित निगरानी की कमी से पूरा परिसर दोबारा पार्किंग अड्डा बन जाता है।स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। नियमित पुलिस गश्त, अवैध पार्किंग पर जुर्माना और परिसर की बैरिकेडिंग जैसे उपायों की मांग की जा रही है ताकि बस स्टॉप की मूल व्यवस्था बहाल हो सके।
मानवता को शर्मसार करता मामला……
डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज का पैर कटा,परिजनों ने लगाई न्याय की गुहार……
मोहनलालगंज। लखनऊ,मोहनलालगंज क्षेत्र के मानस अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां गलत ऑपरेशन की वजह से एक युवक को अपना पैर गंवाना पड़ा। पीड़ित परिवार ने थाना मोहनलालगंज में तहरीर देकर न्याय की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगराम थाना क्षेत्र के गढ़ी निवासी रामफेर पुत्र बरातीलाल बीते 21 जून को मोटरसाइकिल से लौटते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे, जिससे उनका पैर बुरी तरह से घायल हो गया था। परिजन उन्हें आनन-फानन में मोहनलालगंज के निजी मानस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन की बात कहकर ₹1,25,000 रुपये की मांग की।परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों द्वारा जल्दबाज़ी में गलत ऑपरेशन कर दिया गया, जिसके बाद रामफेर के पैर से लगातार खून बहता रहा और हालत बिगड़ती चली गई। जब परिजन दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने खून का बहना सामान्य बताकर ₹50,000 लेकर दूसरा ऑपरेशन कर दिया। लेकिन इस बार भी हालत नहीं सुधरी और मरीज की स्थिति और खराब होती चली गई।आखिरकार परिजन मरीज को ट्रॉमा सेंटर लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने बताया कि पहले ऑपरेशन में लापरवाही हुई थी, जिससे पैर की नसें और हड्डियां बुरी तरह से खराब हो चुकी हैं। मजबूरीवश मरीज का पैर काटना पड़ा।अब मरीज के परिजन न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही और क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं।पीड़ित के भाई सुंदरलाल ने मोहनलालगंज थाना प्रभारी दिलेश कुमार सिंह को लिखित तहरीर देते हुए डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जा सके।





