उत्तराखंड में विकासखंडों की संख्या बढ़ाने की उठी मांग

नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और विकासखंडों के बीच लंबी दूरी को देखते हुए लोकसभा में एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया। नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने सदन में राज्य में विकासखंडों की संख्या बढ़ाने की जोरदार मांग की।
पर्वतीय क्षेत्रों में प्रशासनिक चुनौतियाँ
सांसद भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एक विकासखंड से दूसरे तक पहुँचना जनता के लिए कठिन है। इस स्थिति में केंद्र सरकार की योजनाओं को ब्लॉक स्तर तक प्रभावी रूप से पहुँचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने बताया कि आम जनता को सरकारी कार्यों के लिए भी दूर-दराज़ क्षेत्रों की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है।
नए विकासखंडों की आवश्यकता
भट्ट ने सरकार से आग्रह किया कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में नए विकासखंडों का गठन अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल योजनाओं का लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुँचेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी। उन्होंने इस कदम को राज्य के समग्र विकास और नागरिक सुविधा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उम्मीदें और संभावनाएँ
अगर उत्तराखंड में विकासखंडों की संख्या बढ़ती है, तो प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी और स्थानीय जनता को सरकारी सुविधाएँ और योजनाएँ अधिक सुलभ होंगी। इससे क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में भी मदद मिलेगी।

