उत्तर प्रदेशसीतापुर

विद्युत विभाग की हड़ताल को लेकर जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

अराजकता की कोई गुंजाइश नहीं, हर हाल में जनसुविधा बनी रहे
ब्यूरो रिपोर्ट अनूप पाण्डेय 
सीतापुर जिले में विद्युत विभाग की चल रही हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अभिषेक आनंद एवं पुलिस अधीक्षक  अंकुर अग्रवाल की अध्यक्षता में एक आपातकालीन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने हेतु सख्त प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्युत सेवा एक आवश्यक जनसेवा है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था या अराजकता को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित कर मजिस्ट्रेट व प्रशिक्षित कर्मचारियों की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की है, जो जिलेभर से आने वाली शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी पावर हाउसों में मौजूद फीडरों, ट्रांसफार्मरों, केबल नेटवर्क व ग्रिड सप्लाई पॉइंट्स की सतत निगरानी की जाए और सभी स्थानों पर तकनीकी स्टाफ, गार्ड तथा वैकल्पिक दक्ष मानव संसाधन पूर्ण सक्रियता के साथ तैनात रहें। सभी अवर अभियंता, सहायक अभियंता, अधिशासी अभियंता व पावर हाउस प्रभारी अपने-अपने कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा उनका मोबाइल स्विच ऑन रहना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की अनुपस्थिति या असहयोग की स्थिति में उनके विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में निरंतर पेट्रोलिंग कराएं तथा अराजक गतिविधियों पर सतर्क निगाह बनाए रखें। यदि किसी भी स्थान पर विद्युत संरचनाकृजैसे पोल, ट्रांसफार्मर, तार, केबल आदि से छेड़छाड़, तोड़फोड़ या बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। कोई भी विद्युत संरचना ‘सार्वजनिक संपत्ति‘ के अंतर्गत आती है, जिसकी सुरक्षा प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने तकनीकी संचालन, रखरखाव और आपातकालीन व्यवस्थाओं हेतु ऐसे दक्ष और अनुभवी कर्मियों की रिज़र्व सूची तैयार करने के निर्देश दिए, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से सेवा में लगाया जा सके। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि प्रत्येक सूचना का तत्काल संज्ञान लें और लापरवाही अथवा सुस्ती की स्थिति में व्यक्तिगत उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नीतीश कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट कृष्णानंद तिवारी, अधिशासी अभियंता (विद्युत), समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में जिलाधिकारी ने जनसामान्य से अपील की कि किसी भी प्रकार की विद्युत समस्या या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष या प्रशासन को दें ताकि जनसुविधा और शांति व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखा जा सके।

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