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हरियाणा विधानसभा में रोजगार विवाद: CM नायब सैनी और कांग्रेस विधायकों के बीच हंगामा

चंडीगढ़। हरियाणा में नौकरियों को लेकर बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कांग्रेस के 28 विधायकों द्वारा लाए गए कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में खूब-आरोप प्रत्यारोप चले।

कभी शायराना अंदाज तो कभी आंकड़ों के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दो घंटे नान स्टाप बोले, जिसके बाद बैकफुट पर आए विपक्षी विधायक सदन छोड़कर जाने लगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें हाथ जोड़कर रोका। नायब सैनी ने कहा कि कम से कम हमारी बात तो सुनकर जाओ। आपने अपनी बात कह ली है।

हुड्डा द्वारा सदन में रखे गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि हमारे यहां पर्ची-खर्ची चलती थी, लेकिन इनके यहां तो हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के कार्यालय में अटैची मिल रही हैं। इस पर पूर्व मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि आपके समय में नौकरियां रोहतक से बांटी जाती थीं।

मूलचंद ने आरोप लगाया कि गायत्री हुड्डा राजेंद्र सिंह हुड्डा की बेटी है, जो पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के भतीजे हैं। इस पर बीच में कूदे हुड्डा ने कहा कि हम पांच भाई हैं, लेकिन किसी के भी बेटे का नाम राजेंद्र नहीं, पूर्व मंत्री अपनी बात साबित करें।

विधायक बीबी बत्रा ने स्वतंत्र जांच एजेंसी से एचपीएससी की वर्किंग की जांच कराने की मांग रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मोर्चा संभालते हुए शायराना अंदाज में कहा कि सच की धूप में चेहरों का रंग बदल जाता है, इसलिए कुछ लोग उजाले से डरते रहते हैं।

एक वीडियो का जिक्र करते हुए सीएम नायब सैनी ने कहा कि इनके ही एक पदाधिकारी ने आरोप लगाए हैं कि इनके यहां एक जिले में 50 प्रतिशत नौकरियां मिलती थीं, सुरजेवाला को 30 प्रतिशत और पूरे हरियाणा के हिस्से में 20 प्रतिशत आती थीं। इनके समय में भाई भतीजावाद और क्षेत्रवाद था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हीं के इर्द-गिर्द नौकरियां घूमती थीं। इनके समय में जो गिरोह काम कर रहे थे, उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त था। अब तक उनके खिलाफ हमारी सरकार ने 26 एफआईआर दर्ज की हैं। सीएम ने शायराना अंदाज में कहा कि रोजगार की धूप निकली है मेहनत के आसमान में, पर जिन्हें अंधेरा पसंद हो वह उजाला कहां पाते हैं। इन्हें उजाला पसंद नहीं है।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर विपक्षी विधायक भड़क गए तो विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि वह गलत क्या कह रहे हैं। शेरो शायरी ही तो सुना रहे हैं। फिर अपनी बात बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कल तक फाइलों में सपने सजाते थे, वह आज रोजगार का मातम मनाते हैं।

मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि कांग्रेस ने भर्ती रोको गैंग खड़ा कर दिया है, जिससे अधिकतर भर्तियां कोर्ट में चली गईं। लेकिन कोर्ट ने सभी भर्तियों पर ऐसी मुहर लगाई है कि वह फिर से सही हो गईं। इससे पहले कांग्रेस विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रघुबीर कादियान ने कहा कि सदन अपनी शक्तियों का प्रयोग कर एचपीएससी के चेयरमैन को तलब करें और उनका वर्जन जानें।

कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पहले की सरकारों में जो नाम हम मुख्यमंत्री को दे देते थे, वह युवा नौकरी पा जाते थे। पहले दो-तीन दिन पहले ही लिस्टें आउट हो जाती थीं। चौटाला राज में अभय सिंह चौटाला का नाम आता था। कांग्रेस में करण दलाल के नाम की लिस्ट आती थीं। यही बात इनको लेकर डूब गई। इन्होंने चुनाव में कहा कि 50 वोटों पर एक नौकरी देंगे।

इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार में एक नेता के हल्के में ही 80 प्रतिशत नौकरी दे दी जाती थीं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि 2013 में एचसीएस की पोस्ट के लिए 30 उम्मीदवारों में दो तिहाई उम्मीदवार बड़े ब्यूरोक्रेट्स, नेता और मंत्रियों के लिए लगाए गए थे। इनके कार्यकाल के दौरान एक एचपीएससी भर्ती के लिए 28-28 लोग राइटर मांगते थे। कट ऑफ लिस्ट ये तय करते थे। इस पर विपक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।

नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मंत्री को जितना बोलना है, वह आज बोल लें। नहीं तो तुम तो मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दोगे। इस पर बेदी ने कहा कि आपके कार्यकाल में 11 भर्तियां रद हुईं हैं, जिससे 60 हजार युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ था। इस दौरान दोनों में खूब आरोप-प्रत्यारोप चले।

कांग्रेस विधायकों ने CM नायब का रखा मान

काम रोको प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जब आंकड़ों के साथ जवाब देना शुरू किया तो लगातार सदन का समय बढ़ते देख कांग्रेस विधायक बाहर जाने लगे। इस पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायकों को हाथ जोड़कर सदन में रूकने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री का मान रखते हुए कुछ कांग्रेस विधायक वापस सीट पर लौट आए।

सीएम से बोले राव नरबीर, डबल सेंचुरी हो गई, अब रहने दो जी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार दो घंटे तक सदन में जवाब देते रहे, जिसके बाद कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह उनकी सीट पर पहुंच गए। सीएम से आगे जवाब न रखने का आग्रह करते हुए कहा कि आज तो डबल सेंचुरी हो गई।उन्होंने लिखित पेज को ढकते हुए कहा कि अब रहने दो जी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपना संबोधन खत्म कर दिया और विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सदन की कार्यवाही बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।

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