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ईएसआईसी महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध: नए लेबर कोड 2025 ने और मजबूत किए श्रम अधिकार

कर्मचारी राज्य बीमा योजना(श्रम एवं  रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार) उन कर्मचारियों के लिए है जो व्याप्त कारखानों/संस्थानों में कार्य करते है  एवं जिनका वेतन एक निश्चित सीमा (₹21,000 प्रति माह) तक हो। एक बार पंजीकृत होने के बाद, कर्मचारी और उनका परिवार (पत्नी, बच्चे आदि) — पुरुष हो या महिला — मेडिकल सुविधाएँ, अस्पताल में इलाज, दवाइयाँ, हॉस्पिटलिसेशन (निःशुल्क या कमाई-संबंधित), इलाज-कवर आदि का लाभ उठा सकते हैं।

खासकर महिलाओं के लिए, कर्मचारी राज्य बीमा  के तहत मातृत्व लाभ एक प्रमुख प्रावधान है। गर्भावस्था, प्रसव, प्रसवपूर्व / बाद की मेडिकल सुविधा आदि शामिल हैं। उप क्षेत्रीय कार्यालय गुरुग्राम में वर्ष 2024-25 के अंतर्गत 587 महिलाओं को 4.92 करोड़ , मातृत्व हितलाभ प्रदान किए थे । इसके अतिरिक्त माह सितंबर 2025 में 22 मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया तथा 3416 महिलाओं ने इसका लाभ प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, बीमारी, आकस्मिक बीमारी, दुर्घटना, अस्थायी या स्थायी अक्षमता, बेरोजगारी भत्ता आदि का कवरेज कर्मचारी राज्य बीमा द्वारा कामगारों और उनके परिवारों को मिलता है। यानी कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम उन महिलाओं को हित-लाभ देता है जो कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत पंजीकृत हैं — चाहे हो वो स्थायी कर्मचारी हों, या कभी-कभी कॉन्ट्रैक्ट / कैज़ुअल कर्मचारी हों अगर उनकी संस्था पंजीकृत है।

नए लेबर कोड (2025) में महिलाओं के लिए नए प्रावधान

नए श्रम संहिता के अंतर्गत महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा, समानता तथा सुविधा को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। समान वेतन का प्रावधान सुनिश्चित करता है कि महिलाओं और पुरुषों को समान प्रकार का कार्य करने पर समान वेतन प्राप्त हो। रात्रिकालीन शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति भी प्रदान की गई है, बशर्ते महिला कर्मचारी की स्पष्ट सहमति हो तथा सुरक्षा एवं परिवहन की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए; साथ ही, वे अब भारी अथवा जोखिमपूर्ण उद्योगों तथा खनन कार्यों में भी कार्य करने का विकल्प चुन सकती हैं। मातृत्व तथा सामाजिक सुरक्षा को सशक्त करते हुए मातृत्व अवकाश, घर से कार्य (वर्क-फ्रॉम-होम) की सुविधा, स्तनपान अवकाश तथा आवश्यकता के अनुसार क्रेच सुविधा का प्रावधान किया गया है। शिकायत निवारण प्रक्रिया में महिलाओं का अनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है, जिससे शिकायतों के समाधान में उनकी सहभागिता सुदृढ़ हो सके। इसके अतिरिक्त, विस्तारित पारिवारिक सुरक्षा कवरेज के अंतर्गत नाना–नानी एवं सास–ससुर को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सम्मिलित किया जा सकता है, जिससे महिला कर्मचारी एवं उसके परिवार को व्यापक संरक्षण एवं लाभ प्राप्त होगा।

कर्मचारी राज्य बीमा योजना पहले से ही उन महिलाओं को स्वास्थ्य, मातृत्व और अन्य सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, जो उस अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं। लेकिन हालिया नए लेबर कोड (2025)  ने महिलाओं के लिए कामकाज की परिस्थितियों, समानता, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को पहले से कहीं बेहतर बनाया है — समान वेतन, रात की शिफ्ट का विकल्प, मातृत्व वर्क-फ्रॉम-होम, क्रेच, शिकायत निवारण में भागीदारी आदि से महिलाओं को काम और जीवन — दोनों में बेहतर संतुलन मिलेगा।

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