उत्तराखण्डराज्य

उत्तराखंड में पार्किंग सुविधाओं का विस्तार, यातायात जाम से मिलेगी राहत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क के कारण अब बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जिससे जाम की समस्या स्वाभाविक रूप से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर पार्किंग सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें से कई परियोजनाएं पूर्ण होकर संचालित हो रही हैं। इन प्रयासों से यातायात जाम की समस्या में काफी हद तक राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश में यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आवास विभाग द्वारा बड़े शहरों, तीर्थस्थलों और पर्यटन केंद्रों पर पार्किंग सुविधाओं के विस्तार का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के 11 स्थानों पर निर्माणाधीन पार्किंग परियोजनाएं जल्द पूरी होने जा रही हैं, जिनमें 1082 वाहनों के पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यभार संभालते ही आवास विभाग को विकास प्राधिकरणों के माध्यम से युद्धस्तर पर पार्किंग सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभिन्न विकास प्राधिकरणों से 195 स्थानों पर पार्किंग निर्माण के प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों में सरफेस पार्किंग, मल्टी लेवल पार्किंग और टनल पार्किंग जैसे विकल्प शामिल हैं।
आवास विभाग अब तक 114 स्थानों की डीपीआर को स्वीकृति दे चुका है और इसके लिए बजट भी जारी किया जा चुका है। प्रथम चरण में 54 स्थानों पर 3244 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग सुविधा शुरू की जा चुकी है।
द्वितीय चरण में 11 अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। विभाग का लक्ष्य है कि इन सभी परियोजनाओं को इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर संचालन शुरू कर दिया जाए। इसके अतिरिक्त, विकास प्राधिकरण अपने संसाधनों से 11 अन्य स्थानों पर भी पार्किंग निर्माण कार्य कर रहे हैं, जिनसे 359 वाहनों के लिए अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होगी।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी विकास प्राधिकरणों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगामी यात्रा सीजन से पहले सभी चिन्हित पार्किंग स्थलों को शुरू करने के साथ-साथ वहां शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही निर्माण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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