मुहर्रम शांति, त्याग और इमाम हुसैन की शहादत की याद दिलाता – फ़िरोज़ अहमद
वाद्य यंत्रों के माध्यम इस्लाम धर्म के पैगंबरो का संदेश घर घर तक पहुचाया गया


बलराम मौर्य/ बालजी हिन्दी दैनिक
महबूबगंज (अयोध्या)। इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम शांति, त्याग और इमाम हुसैन की शहादत की याद दिलाता है। इसे इस्लाम के चार पवित्र महीनों में गिना जाता है, जिसमें युद्ध करना वर्जित माना गया है। मुहर्रम की 10वीं तारीख को मनाया जाने वाला “रोज-ए-आशूरा” खास महत्व रखता है। इसी दिन कर्बला में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन ने अन्याय के विरुद्ध शहादत दी थी। सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज अहमद ने बताया कि इस माह में मुस्लिम समुदाय उपवास, दुआ और दान-पुण्य के साथ इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करता है और अमन-शांति की कामना करता है। आज उनियार बाजार में सभी ग्राम वासियो द्वारा घर घर जाकर वाद्य यंत्रों के माध्यम इस्लाम धर्म के पैगंबरो का संदेश दिया जाता है l इस अवसर पर शुभम सोनी, अरमान , साबिर अली फ़िरोज़ अहमद इंतियाज़ अहमद, मुन्ना भाई, तस्स्वर अली, सूरज सोनी, सुरेंद्र गुप्त , अकबर अली चाँद अली, शेर अली, मुख्तार अहमद सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे l





