उत्तराखण्डराज्य

सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के हीरक जयंती समारोह का भव्य शुभारंभ

भवाली (नैनीताल) में स्थित प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के हीरक जयंती समारोह का शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रनिर्माण में उसके अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल ने सदैव अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत युवा देश को दिए हैं, जो पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण की मजबूत आधारशिला

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और कैडेट्स का अभिनंदन करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल घोड़ाखाल केवल आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का विकास करने वाली एक सशक्त संस्था है। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि घोड़ाखाल की मिट्टी में अनुशासन और जज्बे की विशेष खुशबू है, जो यहां के छात्रों को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।

देश को उत्कृष्ट सैन्य नेतृत्व देने वाला संस्थान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह विद्यालय विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं देता, बल्कि उन्हें एक आदर्श नागरिक और श्रेष्ठ सैन्य अधिकारी बनने के लिए तैयार करता है। यहां से निकलने वाले कैडेट्स आगे चलकर थलसेना, नौसेना और वायुसेना में नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं।

एनडीए चयन और रक्षा मंत्री ट्रॉफी पर बधाई

मुख्यमंत्री ने एनडीए में सर्वाधिक चयन प्राप्त करने तथा लगातार दसवीं बार रक्षा मंत्री ट्रॉफी जीतने की उल्लेखनीय उपलब्धि पर कैडेट्स, शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता संस्थान की अनुशासनप्रियता, कठोर परिश्रम और उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता का सशक्त प्रमाण है।

“मैं स्वयं एक सैनिक पुत्र हूँ” – भावुक संबोधन

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक सैनिक पुत्र होने के नाते वे सैनिक परिवारों के त्याग, चुनौतियों और अनुशासन को गहराई से समझते हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि सम्मान, कर्तव्य और राष्ट्रसेवा का संकल्प होती है। उन्होंने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में लिया गया संकल्प दृढ़ और विकल्प-रहित होना चाहिए, तभी लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित होती है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना को नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेना और सैनिक स्कूलों को नई ऊर्जा और दिशा मिली है। रक्षा बजट में निरंतर वृद्धि, सैन्य आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा, सैन्य उपकरणों का निर्यात और वन रैंक-वन पेंशन का ऐतिहासिक क्रियान्वयन देश की सैन्य शक्ति को मजबूत करने वाले निर्णायक कदम हैं।

उत्तराखंड सरकार का सैनिकों और शहीद परिवारों के प्रति संकल्प

मुख्यमंत्री श्री धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार सैनिकों और शहीदों के सम्मान व कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि शहीदों के परिजनों को मिलने वाला अनुग्रह अनुदान पांच गुना बढ़ाया गया है, शहीद के एक आश्रित को सरकारी नौकरी का प्रावधान किया गया है, वीरता पुरस्कारों की एकमुश्त और वार्षिकी राशि में वृद्धि की गई है तथा देहरादून में भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है, जहां के सपूत सदियों से देश की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं।

पुरस्कार वितरण और गणमान्य उपस्थिति

कार्यक्रम के दौरान बेस्ट जूनियर हाउस, बेस्ट सीनियर हाउस, सीनियर हाउस कैडेट्स सहित अनेक श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन विजय सिंह और उनकी पूरी टीम को उच्च शिक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए साधुवाद दिया। इस अवसर पर विधायक सरिता आर्या, विधायक राम सिंह कैड़ा, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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