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दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को OTT से हटाने के मामले में हाईकोर्ट ने खारिज की जनहित याचिका

चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता शरवन सिंह को याचिका वापस लेने की अनुमति दी।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने जनहित याचिका दायर करने वाले व्यक्ति की पात्रता पर सवाल उठाए और कहा कि याचिकाकर्ता न तो फिल्म के निर्माता हैं और न ही निर्देशक। ऐसे में किसी तीसरे व्यक्ति की ओर से दायर याचिका की वैधता पर विचार करना जरूरी है।

कोर्ट ने याचिकाकर्ता की भूमिका पर उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सीधे तौर पर किसी मामले से जुड़ा नहीं है तो जनहित याचिका के जरिए हस्तक्षेप करने का आधार स्पष्ट होना चाहिए। अदालत की टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने की बात कही।  याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि वह फिल्म के निर्देशक के माध्यम से दोबारा उचित प्रक्रिया के तहत याचिका दायर कर सकता है।

केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड ने किया विरोध

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की ओर से याचिका का विरोध किया गया। पक्ष रखते हुए कहा गया कि इस मामले में जनहित का कोई स्पष्ट आधार नहीं बनता। वरिष्ठ अधिवक्ता धीरज जैन ने भी दलील दी कि याचिका में ऐसा कोई व्यापक जनहित नहीं दिखता, जिसके आधार पर अदालत हस्तक्षेप करे।

OTT प्लेटफॉर्म से हटाने को लेकर उठे थे सवाल

याचिका में दावा किया गया था कि फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है। याचिकाकर्ता ने फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दर्शकों के अधिकारों से जोड़ते हुए चुनौती दी थी। याचिका के अनुसार फिल्म को 5 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म से हटाया गया था और इसके कुछ दिनों बाद 8 जुलाई को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।

फिल्म को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया संभव

हाईकोर्ट के फैसले के बाद वर्तमान जनहित याचिका पर कार्रवाई समाप्त हो गई है। हालांकि, याचिकाकर्ता ने संकेत दिया है कि फिल्म से जुड़े पक्षकारों के माध्यम से आगे कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल अदालत के फैसले के बाद ‘सतलुज’ फिल्म को लेकर कानूनी विवाद एक नए चरण में पहुंच गया है।

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