Uncategorizedपंजाबराज्य

मिर्गी का दौरा पड़ने से नहर में गिरा किसान, डूबने से मौत; गांव में शोक की लहर

अबोहर। अबोहर के गांव सुखचैन में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में 36 वर्षीय किसान की नहर में गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का कहना है कि मृतक लंबे समय से मिर्गी की बीमारी से पीड़ित था और आशंका है कि अचानक दौरा पड़ने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह घर के बाहर से गुजर रही नहर में जा गिरा।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान प्रेम कुमार पुत्र इमीलाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार प्रेम कुमार शनिवार को घर से बाहर निकला था, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। जब काफी समय बीत गया तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।

इसी दौरान गांव से गुजर रही नहर में एक व्यक्ति का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। इसकी सूचना तुरंत समाजसेवी संस्था नर सेवा नारायण सेवा समिति को दी गई। सूचना मिलते ही समिति के सदस्य सोनू ग्रोवर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलने पर सीतो चौकी से एएसआई लखविंदर सिंह पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस और समिति के सदस्यों ने संयुक्त रूप से शव को नहर से बाहर निकाला। पहचान करने पर पता चला कि शव गांव निवासी प्रेम कुमार का है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने शव की पहचान की।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि प्रेम कुमार पिछले कई वर्षों से मिर्गी की बीमारी से जूझ रहा था और उसे समय-समय पर दौरे पड़ते थे। जिस नहर में वह गिरा, वह उनके घर के ठीक बाहर से गुजरती है। परिवार का कहना है कि संभव है कि अचानक दौरा पड़ने से उसका संतुलन बिगड़ गया हो और वह नहर में गिर गया हो। जब तक किसी की नजर उस पर पड़ती, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

बताया गया कि प्रेम कुमार अपने परिवार में चार भाइयों और चार बहनों के बीच रहता था। उसकी मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल है।

पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।

read also :

10 जुलाई तक सोलर ऊर्जा उपयोग का विकल्प देना अनिवार्य, सरकारी कर्मचारियों को निर्देश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button