योजना बहाली व बकाया मानदेय के लिये प्रेरकों ने पीएम को भेजा पत्र

देश में पांच लाख प्रदेश में एक लाख उन्नीस हजार व जनपद में तेइस सौ रोजगार प्रेरक 31 मार्च 2018 से हुए बेरोजगार
ब्यूरो रिपोर्ट अनूप पाण्डेय
सीतापुर(ब्यूरो)। प्रधानमंत्री के सम्बोधन में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सीतापुर को प्रेरको ने सौपा तीन सूत्रीय ज्ञापन
सौपा। ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि साक्षर भार मिशन योजना 2012 के अन्तर्गत चयनित प्ररेक जो कि 31 मार्च 2018 तक प्रेरक के पद पर कार्यरत रहकर लोक शिक्षा केन्द्र संचालित करते थे। 31 मार्च 2018 से जहां एक तरफ पूरे देश में लगभग पांच लाख प्रदेश में लगभग एक लाख उन्नीस हजार जनपद में लगभग तेइस सौ रोजगार प्राप्त प्रेरक बेरोजगार हो गये वहीं दूसरी तरफ जनपद के प्रेरको का विकास खण्डवार 27 से 40 माह तक मानदेय बकाया होने के कारण प्रेरक बेरोजगारी के साथ-साथ आर्थिक तंगी से भी जूझ रहे है। प्रेरको के द्वारा 15 प्लस वय वर्ग के निरक्षरो को साक्षर करने का कार्य साक्षर भारत मिशन योजना 2012 के अन्तर्गत किया जाता था साथ ही भारत सरकार व प्रदेश सरकार के द्वारा संचालित विभिन्न योजना जैसे जनधन योजना, बीएलओ आदि योजनाओं में जारी आदेशानुसार सहयोग भी प्रदान किया जाता था। ग्राम पंचायत स्तर पर एक पुरूष और एक महिला दो पद प्रेरक के होने के कारण ग्राम पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाकर निरक्षर महिला पुरूषों को विभन्न योजनाओं के तहत प्रेरको के द्वारा जागरूक भी किया जाता था। जिस सम्बन्ध में देश प्रदेश व जनपद स्तर के विभिन्न संगठनों व प्रेरको के द्वारा व्यक्तिगत रूप से भी जनपद स्तर से लेकर प्रदेश व देश स्तर तक लगातार योजना बहाली व मानदेय बकाया के सम्बन्ध में 31 मार्च 2018 से मांग की जा रही है लेकिन लगातार आर्थिक समस्याओं से आ रही तंगी से अवगत कराने के बाद भी जहां एक तरफ बकाया मानदेय का भुगतान नही हुआ है वही दूसरी तरफ रोजगार से बेरोजगार हुए प्रेरक बढ़ती उम्र के साथ निराशा की उम्मीद में जीने लगे है। क्योकि चयन प्रक्रिया के बाद अचानक योजना बंद हो जाने के कारण प्रेरक के आय के समस्त साधन बंद हो गये है और अन्य नियुक्तियों में उम्र निकल जाने के कारण आवेदन करना भी संभव नही है। जो कि जीवन यापन में बड़ी समस्या है। जारी आदेशानुसार प्रेरको के द्वारा लगातार आडिट के नाम पर कई बार अभिलेख विकास खण्ड स्तर से लेकर जिला स्तर तक जमा करवाये जा चुके है। उसके बाद भी बकाया भुगतान के सम्बन्ध में लगातार उच्चाधिकारियों द्वारा ऑडिट के आदेश देकर कागज पूर्ति की जा रही है न कि कोई स्थाई और भविष्य सुरक्षित किये जाने के सम्बन्ध में निर्णय लिये जा रहे है जो कि गम्भीर समस्या है। प्रदेश व अन्य प्रदेशो से दायर वाद में उच्च न्यायालय के द्वारा प्रेरको के भविष्य सुरक्षित व बकाया भुगतान को लेकर कई दिशा निर्देश दिये गये है आदेशों का हवाला देते हुए कई बार उच्चाधिकारियों द्वारा जिला स्तर पर भी उच्च न्यायायल के आदेश के अनुसार दिशा निर्देश दिये गये लेकिन कार्यवाही आदेश निर्देश आने के बाद भी लम्बित है जिससे प्रेरको के मानदेय बकाया भुगतान के साथ साथ योजना संचालित होने में बाधा उत्पन्न हो रही है। साक्षर भारत मिशन 2012 योजना के अन्तर्गत कार्य कर रहे लोक शिक्षा केन्द्रों पर प्रेरको की भविष्य को सुरक्षित करते हुए योजना संचालित करने व आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रेरको के बकाया मानदेय भुगतान कराने तथा साक्षर भारत मिशन योजनान्तर्गत कार्य कर रहे रोजगार प्रेरक जो कि 31 मार्च 2018 को योजना बंद होने से बेरोजगार होने के कारण भविष्य अंधकारमय हो गया है। उज्जवल भविष्य के लिये योजना पुनः संचालित करने की मांग की उक्त अवसर पर प्रेरक संघ जिला संरक्षक जितेन्द्र कुमार शुक्ला, जिलाध्यक्ष दुर्गेश सिंह, मण्डल प्रभारी उत्तम राजवंशी, जिलाउपाध्यक्ष अनिल राजवंशी, जिला सचिव मो. इसराइल खां , महोली ब्लाक सरंक्षक ज्ञान प्रकाश शुक्ल, पहला बीरबहादुर सिंह, सुरेश कुमार, ब्लाक मछरेहटा से अध्यक्ष जयकरन राजवंशी आदि प्रेरक पदाधिकारी व प्रेरक उपस्थित रहे।
प्रेरक पदाधिकारियों ने पीएम सहित उच्चाधिकारियों को भेजा पत्र
31 मार्च 2018 से रोजगार से बेराजगार हुए प्रेरको ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, शिक्षा मंत्री, मानव संसाधन मंत्री, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, निदेशक साक्षरता निदेशालय, जिलाधिकारी बीएसए सहित तमाम अधिकारियों को पत्र के माध्यम से मानदेय बकाया व योजना बहाली के सम्बन्ध में पत्र के माध्यम से अवगत कराकर भविष्य सुरक्षित किये जाने की मांग की।





