नेरी का गौशाला गायों के लिए बना यातनागृह

भूखों मरने को विवश गौवंश
गौशाला के अंदर फैली जानवरों की हड्डियां
वीरेश शुक्ला / दैनिक बाल जी
सीतापुर – पिसावा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम नेरी में बनी गौशाला गोवंशों के लिए यातनागृह बन चुकी है प्रधान नूर हसन खाने कमाने में व्यस्त है गोवंश भूखों मरने को विवश है वही गौवंशों को मरने के बाद खुले में छोड़ दिया जाता है गौशाला के अंदर जगह-जगह गौवंशों की हड्डियां फैली पड़ी है चारा के नाम पर केवल दिखावा किया जाता है अनेक गौवंश मरने की कगार पर हैं कुछ गौवंश इतने कमजोर हो चुके हैं कि खड़े नहीं हो पा रहे हैं प्रधान नूर हसन सब देखते हुए भी गौवंश की सेवा व चारे का इंतजाम न करके केवल अपनी जेब भरने में व्यस्त रहता है गौवंश की सेवा व देखभाल के लिए कई केयरटेकर लगाए गए हैं लेकिन वह सब कागज की खानापूर्ति के लिए लगे हैं केयरटेकरों का मानदेय भी हर महीने 40 – 50000 रुपए निकाल लिया जाता है लेकिन सुचारू रूप से गोवंश के लिए कुछ भी नहीं किया जाता है गौशाला के अंदर कीचड़ फैला हुआ है तथा जलभराव भी है गौवंश कीचड़ में विचरण करते रहते हैं खुरपका मुंहपका की भी बीमारी कई गौवंश में हो चुकी है आए दिन गौवंश की मृत्यु हो जाती है कभी-कभी गौशाला के एक कोने में ही उन्हें गड्ढा खोदकर गाड़ दिया जाता है और कभी-कभी खुले में ही छोड़ दिया जाता है बहुत ही दर्दनाक स्थित नेरी ग्राम पंचायत के गौशाला की है यह गौशाला ग्राम संसड़ा में बना हुआ है संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी आंख बंद किए हुए हैं या जानबूझकर अनजान बने हुए हैं प्रधान नूर हसन लगातार गौवंश की अनदेखी कर रहा है गांव के निवासियों ने जांचोपरांत कार्रवाई की मांग की है





