निगोहां पुलिस की बड़ी कामयाबी फर्जी किसान बनकर रिटायर्ड अधिकारी की करोड़ों की जमीन बेचने वाला गैंगस्टर गिरफ्तार…….

निगोहां। लखनऊ, निगोहां थाना क्षेत्र के पुरहिया गांव में स्थित एक रिटायर्ड आईटीआई अधिकारी की बहुमूल्य कृषि भूमि को फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए बेचने की कोशिश करने वाले एक शातिर गैंगस्टर को निगोहां पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम राजेश सिंह निवासी सरकंडी, थाना असोथर, जनपद फतेहपुर का रहने वाला है, जो पूर्व में आशियाना सोना लूटकांड का आरोपी रह चुका है और गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित था। गिरफ्तार किए गए राजेश सिंह ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर खुद को चंद्र किशोर नाम के किसान दिखाकर एक डॉ. ईशा त्यागी को करीब पांच बीघे ज़मीन बेचने की योजना बनाई थी। यह जमीन वास्तव में कृष्ण बहादुर सिंह नामक व्यक्ति की है, जो ग्राम सरकंडी का निवासी है और वर्तमान में लखनऊ के एलडीए कॉलोनी, आशियाना में किराए पर रह रहा है।आरोपी राजेश सिंह ने अपने साथियों पाल, महेंद्र यादव, सौम्य पटेल और रंजीत यादव के साथ मिलकर एक शातिर योजना बनाई। गैंग ने पहले डॉ. ईशा त्यागी से संपर्क किया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि वे जिस ज़मीन की तलाश कर रही हैं, वह उन्हें आसानी से उपलब्ध कराई जा सकती है। फिर खुद को असली किसान चंद्र किशोर बताते हुए फर्जी आधार कार्ड, शपथ पत्र और अन्य दस्तावेज़ तैयार करवाए गए।इसके बाद फर्जी गवाहों और बिचौलियों के जरिए ईशा त्यागी को विश्वास में लेकर भूमि की बिक्री के एवज में दो लाख रुपये एडवांस भी ले लिए गए और आगे पांच लाख और देने की बात तय की गई थी। ईशा त्यागी को विश्वास था कि वे असली किसान से ज़मीन खरीद रही हैं, लेकिन जांच में सामने आया कि यह एक पूरी तरह से फर्जीवाड़ा था।जैसे ही मामला निगोहां थाने में दर्ज हुआ एसीपी रजनीश वर्मा के निर्देशन पर निगोहां थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी की टीम ने सक्रियता से जांच शुरू की। आरोपी राजेश सिंह को सोमवार सुबह लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।इस गैंग से जुड़े दो अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। शेष फरार अभियुक्तों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।यह जमीन ग्राम पुरहिया निगोहां थाना में स्थित है, जिसकी गाटा संख्या 118, 189, 212, और 215 है। कुल मिलाकर करीब 1.826 हेक्टेयर लगभग 5 बीघे भूमि की फर्जी बिक्री की कोशिश की जा रही थी।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। निगोहां पुलिस की यह कार्रवाई एसीपी राजनीश वर्मा के कुशल नेतृत्व में सफल रही, जिसे उच्च अधिकारियों द्वारा गुडवर्क के रूप में सराहा गया है।





