उत्तर प्रदेशगोण्डा

अधिकारी व कर्मचारी टीम भावना से कार्य करें ताकि शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक समय से पहुँच सके-डीएम

शिवकुमार पाण्डेय गुरूजी/
बालजी हिंदी दैनिक

पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है-जिलाधिकारी

गोण्डा, 01 नवम्बर 2025। तहसील सदर गोण्डा के सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त लेखपालों को निर्देशित किया कि हाल ही में हुई वर्षा से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र सर्वे कराकर क्षति का आकलन किया जाए तथा उसकी रिपोर्ट तत्काल संबंधित उपजिलाधिकारीगण को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय से राहत दिलाई जा सके।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील है। अतः किसी भी किसान को नुकसान की स्थिति में मुआवजे के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े। सभी लेखपाल अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर फसलों की वास्तविक स्थिति का सटीक प्रतिवेदन तैयार करें।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी लेखपालों को पराली प्रबंधन के संबंध में कृषकों को जागरूक करने और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया जाए और इसके वैकल्पिक उपयोगों की जानकारी दी जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी व कर्मचारी टीम भावना से कार्य करें, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक समय से पहुँच सके और किसानों को अधिकतम सहायता प्रदान की जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश, समस्त उपजिलाधिकारीगण, उपनिदेशक कृषि प्रेम ठाकुर, जिला पूर्ति अधिकारी, एसडीओ कृषि शिव शंकर चौधरी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त लेखपालगण तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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