श्रावण के अंतिम सोमवार पर भवरेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब…..

लाखों शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक,सुरक्षा व्यवस्था में निगोहां और रायबरेली पुलिस रही तैनात…..
निगोहां। लखनऊ, श्रावण मास के अंतिम सोमवार को निगोहां क्षेत्र स्थित पौराणिक भवरेश्वर महादेव मंदिर में लाखों शिवभक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान शिव का दर्शन किया। तीन जिलों लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव की सीमाओं पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में रविवार रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। सुबह तड़के से ही ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा।हाथों में गंगाजल, बेलपत्र और श्रद्धा लिए पहुंचे भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजन किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों का रेला बना रहा। इस अवसर पर भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया।
पुलिस ने संभाली कमान, सुरक्षा रही चाक-चौबंद……
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। निगोहां थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी सतर्कता बरती गई। पुलिस फोर्स लगातार तैनात रहा और कहीं कोई अव्यवस्था नहीं होने दी गई।मेले में निगोहां पुलिस के साथ-साथ रायबरेली जनपद की पुलिस टीम भी पूरी तरह मुस्तैद रही। थाना निगोहां सहित आस-पास के अन्य थानों की पुलिस टीमों ने लगातार निगरानी बनाए रखी। श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के लिए स्वयंसेवकों की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
पौराणिक मान्यता और इतिहास का केंद्र……..
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अज्ञातवास के दौरान पांडव अपनी माता कुंती के साथ इस क्षेत्र में आए थे। माता कुंती के आग्रह पर भीम ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। कालांतर में यह शिवलिंग मिट्टी में दब गया और बाद में सुदौली रियासत के राजा को स्वप्न में इसका संकेत मिला। खुदाई कर शिवलिंग को पुनः प्रकट किया गया और मंदिर का निर्माण हुआ।कहा जाता है कि मुगल शासक औरंगजेब ने जब इस मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की, तो लाखों की संख्या में भंवरे निकलकर मुगल सेना पर टूट पड़े, जिससे शिवलिंग की रक्षा हुई। तभी से यह स्थल भवरेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हो गया।





