गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया

जमुनिया बाग गुरुद्वारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, लंगर व कीर्तन से गूंजा माहौल
बलराम मौर्य/ बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या l सिख धर्म के प्रथम गुरु, जगत के कल्याण हेतु अपने उपदेशों से मानवता का मार्गदर्शन करने वाले श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व आज नगर में अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव से मनाया गया। इस अवसर पर जमुनिया बाग नानकपुरा स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष आरती और शबद-कीर्तन के साथ हुई। पूरे गुरुद्वारे परिसर में “वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने गुरु नानक देव जी के उपदेशों और उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दोहराया। इस पावन अवसर पर जत्थेदार बाबा महिंदर सिंह जी ने उपस्थित होकर संगत को आशीर्वाद दिया और गुरु नानक देव जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “गुरु नानक देव जी ने समाज में समानता, एकता और सेवा की भावना को जागृत किया। उनका संदेश आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। गुरुद्वारे में सिख समुदाय के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धाभाव से मत्था टेका और लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों में तेज नारायण पांडेय, मनोज जायसवाल, सूर्यकांत पांडेय, राजेंद्र प्रताप सिंह आदि गणमान्यजन उपस्थित रहे। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के जसबीर सिंह सेठी, भगवंत सिंह, गुरुचरण सिंह, राजेंद्र सिंह, वान्टू सहित समिति के सभी सदस्य कार्यक्रम की व्यवस्था में सक्रिय रहे। सेवादारों में मिंटू मक्खड़, रवींद्र सिंह, सुखमीत सिंह, अमन सिंह, रमनदीप सिंह, कर्मवीर सिंह, मिंटू मेहंदीरा, सतीश मेहंदीरा, मंगे सिंह, डम्पी, रिक्की सहित अनेक श्रद्धालु दिनभर सेवा में लगेपहुंच पूरे दिन गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन, अरदास और गुरु का लंगर चलता रहा। नगर के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु गुरु नानक देव जी के दरबार में मत्था टेकने पहुंचे।




