सामाजिक उत्थान व माैलिक उत्पादन के लिए हाेना चाहिए शाेध

प्रयागराज १४ जूलाई
बीके यादव/ बालजी दैनिक
नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग एवं केंद्रीय उपकरण सुविधा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 14-18 जुलाई 2025 तक परिष्कृत विश्लेषणात्मक उपकरणों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्रीय निदेशक (केंद्रीय) कर्मचारी चयन आयोग ने बताया की शोध की प्रविधियों को इस हिसाब से डिजाइन किया जाना चाहिए कि जिससे उत्पाद आधारित सामाजिक उत्थान हेतु लब्धि प्राप्त किया जा सके ना कि पी. एचडी. की डिग्री लेने हेतु। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रोहित रमेश ने बताया कि मशीनों से प्राप्त डेटा का संकलन कर तुलनात्मक विष्लेषण कर शोध को मात्रात्मक बनाना चाहिए। विश्वविद्यालय के सम कुलपति डॉ एस. सी. तिवारी ने बताया कि सेपरेशन की तकनीक के साथ साथ विष्लेषण की तकनीक के प्रयोग से ही उत्पाद को बढ़ावा दिया जा सकता है। कार्यक्रम संयोजक डॉ आदि नाथ ने बताया कि मापन में टेस्ट और स्टॉक अभिकर्मक बनाने हेतु आयतन, मात्रा से वांछनीय परिणाम पाया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ राजेश तिवारी, प्रो. बृजेन्द्र मिश्रा, डॉ प्रमोद मिश्रा, डॉ आशीष शिवम् , डॉ शक्ति नाथ त्रिपाठी, डॉ राजेश केसरवानी, डॉ, आलोक त्रिपाठी प्रदीप उपाध्याय, डॉ धीरज पाण्डेय, डॉ अमिताभ चंद्र द्विवेदी, डॉ संजय कुमार, डॉ मुलायम सिंह पटेल, डॉ दुर्गेश नंदिनी गोस्वामी सहित सभी प्रतिभागी सम्मिलित थे।





