पर्यावरणीय परियोजनाओं में छात्रों की होगी प्रत्यक्ष भागीदारी : डॉ विनोद कुमार चौधरी

बलराम मौर्य/ बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा एम.एससी. छात्रों के लिए एक संरचित एवं अनुभवात्मक इंटर्नशिप कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनोद चौधरी ने बताया कि कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में छात्रों को पर्यावरणीय परियोजनाओं में प्रत्यक्ष भागीदारी के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। विभाग पिछले पाँच वर्षों से पर्यावरण से संबंधित विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय परियोजनाओं का संचालन कर रहा है। क्रमशः वायु गुणवत्ता एवं मौसम निगरानी, जल गुणवत्ता मूल्यांकन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, जैव विविधता संरक्षण एवं जीआईएस आधारित मानचित्रण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इन परियोजनाओं में प्रतिवर्ष लगभग 20 छात्रों की आवश्यकता होती है। अब विभाग ने यह निर्णय लिया है कि हर इच्छुक एवं पात्र छात्र को इन इंटर्नशिप परियोजनाओं में सम्मिलित होने का अवसर दिया जाएगा। इंटर्नशिप में चयनित छात्रों को ₹10,000 प्रतिमाह का मानदेय भी प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल शैक्षणिक बल्कि आर्थिक रूप से भी सहायक सिद्ध होगा बल्कि इस इंटर्नशिप के अंतर्गत छात्रों को फील्ड सर्वेक्षण, डेटा संग्रहण और विश्लेषण, वैज्ञानिक उपकरणों का संचालन, रिपोर्ट लेखन, नीति निर्माण हेतु तकनीकी सुझाव, एवं सामुदायिक जागरूकता अभियानों में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
डॉ चौधरी ने बताया कि विभाग के अनुभवी प्राध्यापक एवं परियोजना समन्वयकों के मार्गदर्शन में छात्र अपनी अकादमिक जानकारी को व्यावहारिक कौशल में रूपांतरित कर सकेंगे। यह इंटर्नशिप कार्यक्रम न केवल छात्रों के ज्ञान एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देगा, बल्कि उन्हें पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में उज्जवल भविष्य के लिए तैयार करेगा। वर्तमान समय में जब जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण, सतत विकास और पारिस्थितिकी संरक्षण जैसे मुद्दे वैश्विक प्राथमिकताओं में शामिल हो चुके हैं, ऐसे में प्रशिक्षित और संवेदनशील पर्यावरण विशेषज्ञों की माँग निरंतर बढ़ रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र सरकारी संस्थानों जैसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय, शोध संस्थानों जैसे सीएसआईआर, आईसीएसआर, नीरी, आईसीएमआर तथा गैर-सरकारी संगठनों एवं कॉरपोरेट यूनिट्स में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, नेट गेट, यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी यह इंटर्नशिप एक मजबूत आधार प्रदान करेगी। इच्छुक छात्र विभागीय कार्यालय से संपर्क कर पंजीकरण प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। चयनित छात्रों के लिए एक ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनकी भूमिकाओं, जिम्मेदारियों एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा। यह इंटर्नशिप पहल केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं है। यह छात्रों को एक जिम्मेदार, दक्ष, संवेदनशील एवं नवाचारी पर्यावरण पेशेवर बनने की दिशा में अग्रसर करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम भी है, जो शिक्षा को केवल ज्ञान की सीमाओं से आगे बढ़ाकर समाज और प्रकृति से जोड़ता है।





