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मैनपुरी के वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण: बच्चे के साथ अवैध रूप से रह रही आंध्र प्रदेश की महिला मिली, अव्यवस्थाओं की खुली पोल

* उमाकांत बाथम संवाददाता

मैनपुरी : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मैनपुरी द्वारा गठित समिति ने मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को सेंटर में बिना किसी लिखित आदेश के आंध्र प्रदेश जिला गोदावरी, यालामनचिली मण्डल, काजा गांव की एक महिला अपने शिशु के साथ आश्रित पाई गई, जिसे समिति ने अवैध मानते हुए जांच का विषय बताया है। निरीक्षण समिति में अपर जनपद न्यायाधीश बिष्णु कुमार मिश्रा, सदस्य कुलदीप सिंह-तृतीय और नूतन चौहान शामिल थीं। इस मौके पर सेंटर मैनेजर कामिनी यादव और अन्य स्टाफ मौजूद रहे, जबकि पी.एल.वी. सुमन गुप्ता देरी से पहुंचीं, जिन्हें अव्यवस्थाओं और इस महिला के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी।
निरीक्षण के दौरान सेंटर के भीतर गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थाएं उजागर हुईं। समिति को वहां बिना सिलेंडर का गैस चूल्हा और खाली फ्रिज मिला। बीते एक साल से बार-बार कहने के बावजूद रसोई शुरू नहीं की गई है और अपहर्ताओं के लिए बाहर से दिन में दो बार टिफिन मंगाया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि टिफिन में क्या खाना आ रहा है और उसकी जांच कौन कर रहा है, इसका कोई रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज नहीं था, जिसे समिति ने घोर आपत्तिजनक माना। इसके अलावा सेंटर पर कोई काउंसलर भी नियुक्त नहीं थी और पूर्व तैनात काउंसलर को जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में संबद्ध किया गया था।
सेंटर की बुनियादी सुविधाओं का हाल भी खस्ताहाल पाया गया, जहां बाथरूम के नल से पानी टपक रहा था और कमरों की खिड़कियों में जाली न होने से मच्छरों का भारी प्रकोप था। इस पर संज्ञान लेते हुए समिति ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को तत्काल उपस्थित होने के निर्देश दिए। सेंटर मैनेजर ने आश्वस्त किया कि वह जिलाधिकारी की बैठक में हैं और दो दिनों के भीतर खिड़कियों में जाली व नल ठीक करवा दिए जाएंगे। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश की महिला व बच्चे के समुचित प्रवास के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, और कार्यालय में कंप्यूटर होने के बावजूद प्रिंटर न होने की कमी भी सामने आई है।

 

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