श्रावण माह में भक्ति और सेवा का संगम: दिलासीगंज में विशाल भंडारे में उमड़े शिवभक्त,

समाजसेवी अनिल मौर्य ने कहा – सेवा ही सच्ची शिवभक्ति
— सुशील कुमार मौर्य / बालजी हिन्दी दैनिक
दिलासीगंज, अयोध्या। सावन माह के पावन अवसर पर जहां पूरे देशभर में शिवभक्ति का माहौल है, वहीं अयोध्या के दिलासीगंज कस्बे में श्री भीमा शंकर कावरिया सेवा संघ द्वारा शिवभक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन कर अनूठी मिसाल पेश की गई। इस सेवा कार्य में न सिर्फ स्थानीय लोग बल्कि आसपास के गाँवों से आए श्रद्धालु भी शामिल हुए और शिवभक्ति में डूबकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में पूड़ी-सब्ज़ी, चावल-दाल और मिठाई का भव्य प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से देर शाम तक चलने वाले इस आयोजन में कांवड़ यात्रियों और आम भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। सेवा संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रत्येक श्रद्धालु का स्वागत बड़े आदर-सत्कार के साथ किया गया। इस मौके पर समाजसेवी अनिल कुमार मौर्य ने कहा कि “श्रावण भगवान शिव की आराधना और सेवा का महीना है। जब कोई शिवभक्त कांवड़ लेकर चलता है, तो उसकी सेवा करना हम सभी का धर्म बन जाता है। श्री भीमा शंकर कावरिया सेवा संघ ने इसी उद्देश्य को लेकर यह आयोजन किया है। हमारी कोशिश है कि हर भक्त को सम्मान, विश्राम और पौष्टिक भोजन मिले। सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं।”
जनसहयोग से बना सेवा का अनुपम उदाहरण इस आयोजन में अधिवक्ता अमरजीत पाल, अवधेश कुमार यादव, मनोज पाल, राजेंद्र पाल , प्रेम सागर गुप्ता,गंगा सागर गुप्ता,अनिल कुमार मौर्य,गुड्डू साहू,धीरेन्द्र उपाध्याय,मोहम्मद जिलानी,सोनू सिंह, बब्बन यादव,महेश निषाद,राम प्रताप यादव (प्रधान),तेज प्रताप उपाध्याय,सत्यम गुप्ता,कर्मवीर मौर्य, अंशू पाल,अमृतांश मौर्य,राजू गुप्ता,काजू गुप्ता,लक्ष्य गुप्ता,
सहित अनेक समाजसेवियों ने निस्वार्थ भाव से सहयोग किया। युवाओं ने पंक्तिबद्ध तरीके से भोजन वितरण कर अनुशासन का उदाहरण पेश किया। वहीं महिलाएं भी भक्ति-भाव से जुड़कर भंडारे की तैयारी में सहयोग करती नजर आईं।
श्रद्धालुओं ने इस सेवा कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल समाज में भक्ति और सद्भाव फैलता है, बल्कि युवाओं में सेवा का भाव भी जागता है। शिवभक्ति में लीन दिखे श्रद्धालु
भंडारे के दौरान हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। जगह-जगह भजन-कीर्तन और कांवड़ यात्रा की झलकियों से सावन माह को जीवंत कर दिया गया।इस आयोजन ने न सिर्फ दिलासीगंज बल्कि पूरे अयोध्या जनपद में श्रद्धा, सेवा और समर्पण का संदेश फैलाया। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर सामने आया है।





