ऐलिया ब्लाक मुख्यालय पर ग्रामीणों धरना जारी

आज धरनारत ग्रामीणों के समर्थन में उतर सकते हैं कई संगठन
ब्यूरो रिपोर्ट अनूप पाण्डेय
इमलिया सुल्तानपुर-सीतापुर
ऐलिया ब्लाक मुख्यालय इमलिया सुल्तानपुर पर पसनैका के ग्रामीण दूसरे दिन भी डटे रहे। इस बीच पंचायत विभाग के ब्लाक अधिकारी, सचिव व प्रधान ने आपसी सहमति बनाकर उचितदर विक्रेता चयन हेतु 25 अक्टूबर की तिथि निर्धारित करते हुये एक प्रति धरनारत ग्रामीणों को सौंप दी है। लेकिन ग्रामीण अन्य मांगों को भी पूरी करने के लिये धरना जारी रखा। ग्रामीण विषम परिस्थितियों को नजरअंदाज कर रात दिन जमे हुये हैं। सूत्रों की माने तो धरनारत ग्रामीणों का मजबूत पक्ष देखकर कुछ संगठन आज उनके समर्थन में पहुंच सकते हैं।
धरने की अगुवाई कर रहे वरिष्ठ पत्रकार व पसनैका ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्य सरोज सिंह ने बताया कि अब तक कोटा चयन बैठक की अगली तिथि तयं करने में सचिव श्री सूर्य प्रताप सिंह व एडीओ (पं) मनोज कुमार सिंह जो हीला हवाली कर रहे थे। उन्होंने धरना शुरू होते ही 25 अक्टूबर की तारीख तो आनन फानन में तयं कर दी। परन्तु शौचालय , बाउण्ड्रीवाल व टायलीकरण में हुये घोटाले की जिलास्तरीय टीम से जांच कराने व ग्राम पंचायत सदस्यों को भत्ता देने का अब तक कोई अश्वासन नहीं दिया है। हालांकि 18 सितम्बर को जिलाधिकारी को जो शिकायती पत्र शपथ पत्र के साथ दिया गया। जिसके साक्ष्य भी डीपीआरओ को उपलब्ध कराये जा चुके हैं। जिसके आधार पर टास्क फोर्स का गठन डीपीआरओ स्तर से होना है। जिसे लम्बित रखना डीपीआरओ कार्यालय की लापरवाही है। परन्तु ग्राम पंचायत सदस्य भत्ता (100 रूपया प्रति बैठक) व शासकीय धनराशि से खरीदी गई आलमारी, कुर्सी,मेज व कम्प्यूटर सिस्टम पंचायत भवन में न रखकर अब तक प्रधान पंचायत के ब्लाक अधिकारियों की शह पर सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा है। हमारी मांग है कि भ्रष्टाचार की जांच हेतु जनपद स्तरीय जांच टीम गठित कर लिखित जानकारी दी जाय। पंचायत भवन सुचारू रूप से चालू कराया जाये व पंचायत सदस्यों प्रति वर्ष 12 बैठकों के हिसाब से भत्ता दिलाया जाय। श्री सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के इस मुद्दे पर यदि कोई संगठन समर्थन में आता है तो उसका स्वागत है। वैसे यह धरना रविवार को भूख हड़ताल में बदल जायेगा। जिसका सर्व सम्मति से निर्णय लिया जा चुका है।





