राज्यहरियाणा

हरियाणा में अनुसूचित अत्याचार के 1020 मामले दर्ज, विधानसभा में सरकार ने दी जानकारी

चंडीगढ़। हरियाणा में अनुसूचित जाति से जुड़े लोगों के खिलाफ अत्याचार के मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। वर्ष 2024 में प्रदेश में एससी से संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अत्याचार के 1020 मामले दर्ज हुए। यह जानकारी मुलाना की कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने सदन में दी।

मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन और पीड़ितों को राहत सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति गठित है। समिति साल में कम से कम एक बार बैठक कर मामलों, पीड़ितों को मिली राहत, पुनर्वास और अभियोजन की स्थिति की समीक्षा करती है।

हरियाणा सरकार के अनुसार पुलिस मुख्यालय में एससी-एसटी संरक्षण प्रकोष्ठ बनाया गया है, जिसकी निगरानी एडीजीपी/आइजी स्तर के अधिकारी करते हैं। जिला और थाना स्तर पर भी विशेष प्रकोष्ठ स्थापित हैं। अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच डीएसपी/एसीपी स्तर के राजपत्रित अधिकारी करते हैं और उन्हें जांच समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश हैं। 60 दिन में चालान पेश करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

कृष्ण बेदी ने सदन में बताया कि पीड़ितों को आर्थिक राहत में देरी न हो, इसके लिए एफआइआर की प्रति तुरंत पीड़ित और संबंधित जिला कल्याण अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। मुख्यमंत्री ने एससी पीड़ित परिवारों को कानूनी सहायता के लिए फीस बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने का भी फैसला किया है।

एससी कल्याण के लिए विशेष घटक उप-योजना बिल विचाराधीन

एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण के लिए विशेष घटक उप-योजना गठन विधेयक फिलहाल विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि एससी कल्याण के लिए आवंटित बजट में से 2023-24 में 79 प्रतिशत, 2024-25 में 78 प्रतिशत और 2025-26 में 71 प्रतिशत राशि खर्च हुई। सरकार ने 100 वर्ग गज के प्लाट देने की योजना को भी लागू करने का दावा किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button