अवध विश्वविद्यालय में नैक मूल्यांकन को लेकर कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक

बलराम मौर्य / बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या l डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को अपराह्न कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में नैक मूल्यांकन को लेकर हाइब्रिड मोड में बैठक आयोजित की गई। इसमें एट्रीब्यूट (मानदंड) संयोजकों एवं सदस्यों द्वारा पावर पॉइंट्स प्रेजेंटेशन के मानदंड के विभिन्न बिंदुओं का प्रेजेंटेशन किया गया। सभी संयोजकों व सदस्यों द्वारा नैक मूल्यांकन के मानदंडों पूरा करने के लिए विभागों एवं अनुभागों से वांछित सूचनाएँ व सुझाव मांगे गए हैं। इसी के आधार पर नैक मूल्यांकन को 10 एट्रीब्यूट (मानदंड) को पूरा करने के लिए पीपीटी के माध्यम से प्रेजेंटेशन दिया गया। आइक्यूएसी के निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने बताया कि कुलपति के कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय को नैक के उच्च रैंक को प्राप्त करना है। इसके लिए सभी समितियो को सक्रिय किया जा चुका है। प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने बताया कि यह मानदंड शिक्षण संस्थान के पाठ्यक्रम की योजना, कार्यान्वयन, लचीलापन, संवर्धन और फीडबैक प्रणाली के मूल्यांकन को जांचा गया।
पाठ्यचर्या के तहत मानदंड 1 से 3 तक का प्रेजेंटेशन किया गया। इसके तहत संस्थान यह सुनिश्चित करता है कि पाठ्यक्रम की योजना और वितरण एक सुव्यवस्थित और प्रलेखित प्रक्रिया के माध्यम से हो, जिसमें शैक्षणिक कैलेंडर और निरंतर आंतरिक मूल्यांकन शामिल है।
शैक्षणिक लचीलापन संस्थान द्वारा प्रस्तावित सर्टिफिकेट/मूल्य वर्धित पाठ्यक्रमों स्वयम, मूक जैसे ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की संख्या, जिनमें छात्रों ने सफलतापूर्वक नामांकन और पूरा किया है। चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, इलेक्टिव कोर्स की पेशकश और अपनाने की सीमा।
यह मानदंड यह जांचता है कि संस्थान का पाठ्यक्रम आधुनिक, प्रासंगिक, लचीला है और उद्योग तथा समाज की आवश्यकताओं को पूरा करता है या नहीं। इस बैठक में वाह्य विशेषज्ञ के तौर पर आचार्य नरेंद्र देव कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रो. सुशांत ऑनलाइन जुड़े रहे। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने बताया कि समिति के सभी संयोजकों द्वारा नैक मूल्यांकन मानदंडों को शीघ्र तैयार करने के लिए निर्देश प्रदान किया गया है। इस बैठक में वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ला, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. फर्रुख जमाल, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. गंगाराम मिश्र, डॉ पी के द्विवेदी, डॉ. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. गीतिका श्रीवास्तव, डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, डॉ. नीलम सिंह और ऑनलाइन मोड में कई शिक्षक जुड़े रहे।





