पशु बाड़ा योजना में घोटाले का आरोप, डीएम से जांच की मांग

ब्यूरो रिपोर्ट अनूप पाण्डेय
सीतापुर। तहसील महोली क्षेत्र की ग्राम पंचायत उमरिया में पशु बाड़ा योजना में कथित गड़बड़ी और सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्राम निवासी गजेन्द्र सिंह पुत्र नरेश सिंह ने सोमवार को जिलाधिकारी सीतापुर को शिकायत पत्र और शपथ पत्र सौंपकर ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके नाम पर सरकार की पशु बाड़ा योजना स्वीकृत हुई थी और योजना की धनराशि का भुगतान भी हो चुका है, लेकिन मौके पर आज तक पशु बाड़े का निर्माण नहीं कराया गया। जब उन्होंने ब्लॉक महोली के अधिकारियों से जानकारी ली तो बताया गया कि निर्माण कार्य पूर्ण दिखाया जा चुका है।
गजेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान अंतिमा सिंह और पंचायत सचिव ने मिलीभगत कर सरकारी धनराशि का बंदरबांट कर लिया। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी आईजीआरएस पोर्टल पर की गई थी, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा मामले में लीपापोती कर दी गई।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने सम्पूर्ण समाधान दिवस, तहसील महोली में प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की। राजस्व विभाग की जांच में यह सामने आया कि गजेन्द्र सिंह के नाम स्वीकृत पशु बाड़ा मौके पर निर्मित नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने जांच रिपोर्ट, स्पॉट मेमो, निरीक्षण आख्या और स्थल निरीक्षण की प्रतियां भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की हैं।
शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2015 से 2021 तक रूद्र प्रताप सिंह उर्फ भान सिंह ग्राम प्रधान रहे, जबकि वर्ष 2021 से वर्तमान तक उनकी पत्नी अंतिमा सिंह ग्राम प्रधान हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण संबंधित कर्मचारी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे थे।
ग्रामीण ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा सरकारी धनराशि की वसूली कराने की मांग की है।





