देयको के भुगतान को लेकर सेवानिवृत्त स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की लड़ाई जारी

संदीप विक्रम सिंह/बाल जी दैनिक
तारुन,अयोध्या। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तारुन से सेवानिवृत्त हुए स्वास्थ्य पर्यवेक्षक देवराज तिवारी अपने देयकों के भुगतान के लिए लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। तिवारी ने अपने भुगतान से जुड़े मामले को लेकर हाई कोर्ट इलाहाबाद की माननीय खंडपीठ लखनऊ में एक याचिका दायर की थी। जिसमें कोर्ट ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुशील बनियान को उनके प्रत्यावेदन पर विचार करने का आदेश दिया था। आरोप लगाया है कि उन्हें 21 वर्षों से बकाया भुगतान नहीं मिला है। जो कि एक बड़ा मुद्दा है। उन्होंने महालेखाकार प्रयागराज से एक जन सूचना मांगी। जिसमें जीपीएफ भुगतान के लिए जारी धनराशि की जानकारी मांगी गई। हालांकि, उन्हें भ्रामक सूचना दी गई। जिसके बाद उन्होंने राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की। राज्य सूचना आयोग ने महालेखाकार प्रयागराज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।11 सितंबर 2025 को महालेखाकार प्रयागराज और अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तारुन को आयोग के समक्ष उपस्थित रहने के लिए आदेश जारी किए हैं। तिवारी ने आयोग से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, जिन्होंने उन्हें बार-बार भ्रामक सूचना दी है। 11 सितंबर 2025 को होने वाली सुनवाई में आयोग द्वारा कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई है।





